jhankar
ब्रेकिंग
हरदा : राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत गोराखाल में स्क्रीनिंग शिविर 9 मार्च को हरदा : निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 13 मार्च से हरदा : अब 2625 रुपये प्रति क्विंटल पर होगी गेहूं उपार्जन पंजीयन तिथि 10 मार्च तक बढ़ी : गोविंद सिंह ... हरदा : नार्मदीय ब्राह्मण समाज युवा संगठन ने पक्षियों के लिए लगाए सकोरे हरदा : ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था व नरवाई प्रबंधन पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण स... हरदा : सम्पत्तिकर, जलप्रभार व अन्य उपभोक्ता प्रभार के अधिभार में मिलेगी छूट हरदा : जिले में नरवाई/पराली जलाने पर प्रतिबंध नीमच: समोसे में कॉकरोच मिलने के बाद ‘सम्राट नाश्ता सेंटर’ पर फूड विभाग का छापा हरदा : कॉलेज में पढ़ने वाली नाबालिक युवती का अपहरण फिर रेप रहटगांव पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया ,... CM यादव का बड़ा ऐलान: किसानों को गेहूं पर ₹40 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देगी राज्य सरकार

ग्वालियर में ओलावृष्टि से 1000 हेक्टेयर में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में प्रकृति ने ऐसा तांडव मचाया कि कुछ ही घंटे में किसानों का सब कुछ बर्बाद कर दिया। जिले के एक दर्जन से अधिक गांव में सड़के और खेत बर्फ से पट गए। जमीन पर बिछे पड़े ओलों को देखकर ऐसा लग रहा था, मानो ग्वालियर कश्मीर बन गया हो। भारी ओलावृष्टि से किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।

सड़क-खलिहान और घर बर्फ से ढके
ग्वालियर चंबल अंचल में पिछले पांच दिनों से मौसम खराब है। यहां बारिश के साथ-साथ लगातार ओलावृष्टि हो रही है, लेकिन आज सुबह ग्वालियर के डबरा और भितरवार के एक दर्जन गांवों में भीषण ओलावृष्टि हुई जिसने किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। यहां के ग्रामीण सुबह ठीक से उठ भी नहीं पाए थे, उन्होंने बाहर निकाल कर नजारा देखा तो सब कुछ बर्फ की चादर से ढका सफेद ही सफेद नजर आ रहा था। यहां जमीन पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई।

- Install Android App -

ओलावृष्टि को देखकर गांव के बुजुर्गों ने क्या कहा?
प्रकृति का कहर किसानों पर कुछ इस कदर टूटा कि खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। कछुआ गांव में सड़कों, खलियानों और घरों की छतों पर ओले बिछे हुए थे। गांव में रहने वाले बुजुर्गों ने कहा कि जीवन में पहली बार हमने इस तरीके से ओलावृष्टि देखी है।

ओलावृष्टि से किसानों को कितना नुकसान?
इस ओलावृष्टि से गांव में 1000 हेक्टेयर में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
ओलावृष्टि के कारण खेत तालाब में तब्दील हो चुके हैं और फसल पूरी तरह तबाह गई है।
गेहूं के पौधों से पत्तियां झड़ गई हैं।
गांव में कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने 40 बीघा में गेहूं की फसल की थी, अब वह पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
कई किसान ऐसे हैं जिनकी 100 बीघा में गेहूं की फसल थी, लेकिन इस ओलावृष्टि ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने निरीक्षण किया
ओलावृष्टि की सूचना मिलने पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने भी प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने कहा है कि एसडीएम और रेवेन्यू के समस्त स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि ओला प्रभावित खेतों के सर्वेक्षण का कार्य तत्काल प्रारंभ करें।