इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर में मेट्रो की रफ्तार तेज करने के लिए विस्थापन की प्रक्रिया तेज कर दी है। अब बड़ा गणपति क्षेत्र में बनने जा रहे है भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण में बाधक बन रहे पीलियाखाल इलाके के 16 मकानों का गिराना की खबर सामने आ रही है। खबर है कि अगले हफ्ते इस इलाके के 16 मकानों को जमींदोज कर दिया जाएगा। इस कार्रवाई से करीब 28 परिवार का घर छूटने वाला है। यहां बने 16 घरों में 28 परिवार रहते हैं। रहवासियों की मांग है कि उनके पास राजीव गांधी आश्रय मिशन के तहत मिले हुए जमीन के पट्टे है। ऐसे में उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
सरकार की तरफ से दिए जाएंगे फ्लैट्स
हालांकि इन सभी 28 परिवारों को सरकार की तरफ से 28 फ्लैट्स दिए जाएंगे। मेट्रो प्रबंधन द्वारा अभी यहां रहने वाले 16 परिवारों को दिए जाने वाले फ्लैट के लिए प्रशासन को 1.29 करोड़ रुपये की राशि दी है। इस इलाके में रहने वालों का कहना है कि मकान तो शिफ्ट हो जाएंगे लेकिन बच्चों के स्कूल का क्या होगा। दरअसल पीलियाखाल में रहने वाले लोगों की परेशानी इसी बात की है कि उन्हें रंगवासा शिफ्ट किया जा रहा है। से में अभी यहां के परिवारों के कई बच्चे शिक्षा के अधिकार के तहत बड़ा गणपति व कालानी नगर के निजी स्कूलों में पढ़ते है।
यहां रहवासियों का कहा है कि-
लोगों का कहना है कि रंगवासा से दूरी ज्यादा होने की वजह से बच्चों को पीलियाखाल में स्कूल भेजना मुश्किल काम होगा. इस मामले में बड़ा गणपति क्षेत्र की रहने वाली भूमि यादव हमारे क्षेत्र अराध्या, आरव, वंशिका पाल सहित कई बच्चे आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ते है। ऐसे में उनके लिए परेशानी होगी रंगवासा में जिस मल्टी में हमें फ्लैट दिए जा रहे है, वहां लोग नशाखोरी करते हैं। एक और रहवासी बलराम वर्मा के मुताबिक ‘मेरे दो बच्चे कालानी नगर क्षेत्र के स्कूलों में आरटीई के तहत पढ़ते है। ऐसे में रंगवासा जाने पर बच्चों की पढ़ाई छूट जाएगी। इस वजह से हमें बड़ा गणपति क्षेत्र के पास ही आवास दिए जाना चाहिए।’

