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अब इस दिन होगी धार भोजशाला पर हाई कोर्ट में अगली सुनवाई

इंदौर। धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर आज यानी कि सोमवार 16 फरवरी को इंदौर हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी थी। इतना ही नहीं आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 98 दिनों तक चले वैज्ञानिक सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट भी खोली जानी थी जो कि एएसई द्वारा हाईकोर्ट को पहले ही सौंप दी गई है। लेकिन अब खबर है कि इस सुनवाई की तरीख आगे बढ़ा दी गई है। अब इस मामले पर सुनवाई 18 फरवरी को होना तय किया गया है। दरअसल आज प्रदेश में Shivpuri Advocate Murder Case को लेकर सभी वकीलों ने हड़ताल का आवाहन किया है और तय किया है कि आज किसी भी मामले की पैरवी नहीं की जाएगी। यहीं वजह है कि ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर आज मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में होने वाली सुनवाई आगे बढ़ गई है।

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आज सुनवाई में क्या होना था?
इसके लिए न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच में यह प्रकरण क्रम संख्या- 62 पर सूचीबद्ध किया गया था। आज इस सुनवाई को दौरान भोजशाला को लेकर किए गए 98 दिनों के एएसआई सर्वे की रिपोर्ट अदालत में खोली जानी थी और दोनों पक्षों को उपलब्ध भी कराई जानी थी। इस बारे में आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया था। यह मामला जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ के सामने सूचीबद्ध है। सुनवाई के दौरान सर्वे रिपोर्ट के वे हिस्से भी अदालत में खोले जाएंगे, जिन्हें अब तक सीलबंद रखा गया था।

भोजशाला परिसर की जांच के लिए आधुनिक तकनीकों का हुआ इस्तेमाल
गौरतलब है कि भोजशाला परिसर की जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वे ने आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है ताकि किसी भी तरह का कोई सबूत छूट न जाए। जमीन के नीचे दबे ढांचों की जानकारी पाने के लिए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) का उपयोग किया गया। वहीं पत्थरों और अन्य अवशेषों की उम्र का अनुमान लगाने के लिए कार्बन डेटिंग तकनीक अपनाई गई। इतना ही नहीं हर साक्ष्य का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए रंगीन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की गई।