सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए एक बड़े हमले से हड़कंप मच गया। सिडनी के प्रसिद्ध बॉन्डी बीच पर हनुक्का त्योहार मना रहे लोगों पर रविवार दोपहर दो हथियारबंद हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस सामूहिक गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी समेत करीब 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की आशंका है। घटना के बाद बीच पर अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर लाशें बिखरी नजर आईं।
न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने हमले की इस घटना के बाद ही सार्वजनिक चेतावनी जारी की और कहा, कि जो लोग भी वहाँ पर मौजूद हैं, वे सभी सुरक्षित स्थान को चले जाएं। घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था, नॉर्थ बॉन्डी बीच पर बड़ी संख्या में लोग हनुक्का उत्सव मनाने के लिए एकत्र हुए थे। तभी अचानक गोलियों की तेज आवाजें गूंजने लगीं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग जान बचाने के लिए रेत पर इधर-उधर दौड़ते-भागते नजर आए। एक अन्य वीडियो में काले कपड़े पहने दो युवक सड़क पर खड़े होकर हाई-पावर हथियारों से फायरिंग करते दिखाई दिए। उनके हथियार शॉटगन जैसे बताए जा रहे हैं। इस हमले के दौरान ही एक साहसी व्यक्ति ने पीछे से एक हमलावर को पकड़ लिया और उससे बंदूक छीन ली। इसके बाद छीने गए हथियार से हमलावर पर गोली चलाई गई। इसी बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों हमलावरों को गोली मार कर घायल किया और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, एक हमलावर को मौके पर ही गोली लगी, जबकि दूसरे को घायल अवस्था में पकड़ लिया गया। फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस ने पूरे एनकाउंटर का ड्रोन फुटेज भी जारी किया है।
अचानक हुए इस हमले में मारे गए लोगों के शव बीच पर यहां वहां पड़े नजर आए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। आपात सेवाओं ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। बॉन्डी बीच जैसे व्यस्त पर्यटन स्थल पर हुई इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

