jhankar
ब्रेकिंग
MP में 4-5 अगस्त से फिर हैवी रेन का अलर्ट भोपाल-इंदौर समेत अधिकांश जिलों में आज हल्की बारिश अब मान... इंदौर: 21 अवैध कॉलोनियां घोषित, खसरे में दर्ज होंगी, खरीदी-बिक्री पर रोक जिला प्रशासन की बड़ी कार्र... MSP बढ़ने से मंडी में मूंग की आवक बढ़ी: एक दिन में 477 क्विंटल खरीदी, 4 किमी तक लगी लाइन मासूमों की जान से खिलवाड़: 25 बच्चों को ठूंसकर दौड़ रही स्कूल वैन जब्त आज 2 अगस्त 2026 को हरदा की खास खबरे टिमरनी : टिमरनी पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई 24 घंटे में लूट का खुलासा, महिला सहित तीन आरोपी गिरफ्तार... बीमा कराने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 17 अगस्त कर दी गई है सात दिवसीय प्रशिक्षण के तहत सिविल डिफेंस वालेंटियर्स को दिया प्रशिक्षण मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की विकासखण्ड स्तरीय मासिक बैठक संपन्न इंदौर: पानी की टंकी में मिला युवक का शव, 6 दिन से था लापता दुर्गंध आने पर खुला मामला

बड़वानी कलेक्टर से मिलने पैदल निकलीं 22 छात्राएं, हॉस्टल वार्डन पर लगाया अभद्रता का आरोप

बड़वानी। बड़वानी जिले के नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास, ग्राम चौकी की 22 छात्राएं सोमवार को कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल निकली। छात्राओं ने छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की कमी और वार्डन के कथित अभद्र व्यवहार को लेकर शिकायत करने का इरादा जताया है।

- Install Android App -

जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी छात्राओं से मिलने पहुंचे। तहसीलदार ने भी छात्राओं को उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया, लेकिन छात्राएं नहीं मानीं और कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ती रहीं। छात्राएं ग्राम चौकी से पाटी तक करीब 10-12 किलोमीटर पैदल चलीं, फिर बस से 22 किलोमीटर बड़वानी जिला मुख्यालय के पाटी नाका पहुंचीं। वहां से वे करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय के लिए रवाना हुईं।

एक छात्रा ने बताया कि छात्रावास में खाना सही नहीं मिलता और खाने में अक्सर कीड़े निकलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल वार्डन अभद्र व्यवहार करती हैं और शिकायत करने पर कहती हैं कि जैसा मिले वैसा खा लो, तुम्हारे घर में जो मिलता है वो खाती हो ना तो यहां भी जो मिलेगा जैसा मिलेगा तुम्हें खाना होगा। छात्राओं के अनुसार, उन्हें मेन्यू के अनुसार थूली या हलवा जैसे खाद्य पदार्थ नहीं दिए जाते। एक अन्य छात्रा सोनाली ने बताया कि वार्डन दुर्गा मैम उन्हें शाम की रोटी सुबह खिलाती हैं। नाश्ता भी ठीक से नहीं दिया जाता और उसमें भी कीड़े निकलते हैं। कक्षा 6वीं से 8वीं तक की ये 22 छात्राएं अपनी सभी समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराना चाहती थीं।