9 फर्जी परीक्षार्थी रंगे हाथ पकड़े गए, 21 अन्य भी शामिल
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 बिहार। प्रदेश के लखीसराय जिले में 21 जून 2026 को हुई NEET-UG री-एग्जाम के दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया। कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 9 लोग ऐसे थे जो असली छात्रों की जगह परीक्षा देने आए थे। बाकी 21 लोग फर्जीवाड़े के नेटवर्क में शामिल थे।
तीन सेंटरों पर हुई कार्रवाई
पुलिस ने केंद्रीय विद्यालय से 7, KRK हाई स्कूल से 1 और हसनपुर स्कूल सेंटर से 1 फर्जी अभ्यर्थी को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी बिहार के अलग-अलग जिलों से आए थे। एसडीएम प्रभाकर कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार पूछताछ की निगरानी कर रहे हैं। डीएम शैलेंद्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार खुद पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।
MBBS छात्रों और बायोमेट्रिक स्टाफ की मिलीभगत
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार 9 सॉल्वर में ज्यादातर मेडिकल छात्र हैं। कई डॉक्टर और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से जुड़े कर्मचारी भी रैकेट में शामिल पाए गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पावापुरी मेडिकल कॉलेज का एक छात्र इस गैंग का मास्टरमाइंड है। वह अलग-अलग संस्थानों के मेडिकल छात्रों को 10 से 12 लाख रुपये में एक कैंडिडेट का पेपर सॉल्व करने के लिए भर्ती करता था।
30 से 40 लाख में होता था सौदा, 2 लाख एडवांस
एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि प्रत्येक छात्र से 10 से 12 लाख रुपये का सौदा होता था। 1 से 2 लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे। बाकी रकम रिजल्ट और एडमिशन के बाद ली जानी थी। कुछ रिपोर्ट्स में 30 से 40 लाख रुपये प्रति छात्र की डील का भी जिक्र है।
बायोमेट्रिक सिस्टम से छेड़छाड़
गैंग ने कई सेंटरों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रोसेस में गड़बड़ी की। आरोप है कि बायोमेट्रिक एजेंसी के कर्मचारी भी मिले हुए थे, जिनकी मदद से फर्जी लोगों को सेंटर में एंट्री दिलाई गई। पुलिस अब पता लगा रही है कि बायोमेट्रिक सिस्टम को कैसे बायपास किया गया।
स्पेशल टीमें कर रही छापेमारी
गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर स्पेशल पुलिस टीमें कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा। और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
NTA ने किए थे कड़े इंतजाम
NEET-UG री-एग्जाम 21 जून को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर हुई थी। NTA ने 95,000 से ज्यादा कमरों में 1.38 लाख CCTV कैमरे लगाए थे। इसके बावजूद लखीसराय में यह फर्जीवाड़ा सामने आया। NTA के DG ने कहा था कि परीक्षा पूरी सुरक्षा के साथ शांतिपूर्ण तरीके से हुई।

