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Burhanpur News : पटवारी तहसीलदार नेे सर्वे में किया भेदभाव, BJP समर्थक किसानों को दिया ज्यादा लाभ

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 बुरहानपुर : किसानों के साथ हमेेशा छल होता आया है कभी मौसम तो कभी सरकारी अधिकारी तो कभी व्यापारी सभी किसानों को परेशान करते हैं आखिर में अपनी उपज का पूूरा मूल्य नही मिल पाता हैैं।इन सब में जोे रसूखदार औेर राजनीतिक पैठ वालेे किसान होेते है। उन्हे सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
जिले के धामनगांव, हसीनाबाद, लोनी सहित कई गांव के किसानों ने मुआवजा वितरण में पक्षपात का आरोप लगाया है। मंगलवार को पीड़ित किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और हंगामा किया|आरोप लगाया कि सर्वे करने वाले पटवारी और तहसीलदार ने भाजपा के एक बड़े नेता से जुड़े किसानों को ज्यादा मुआवजा दिया है, जबकि अन्य किसानों को भारी क्षति होने के बाद भी मुआवजा राशि कम दी है। किसानों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा है। उन्होंने दोबारा सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

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2 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंगल क्लिक से जिले के 42 सौ से ज्यादा किसानों के खाते में 41 करोड़ से ज्यादा की मुआवजा राशि ट्रांसफर की थी। अप्रैल और मई माह में आए आंधी तूफान ओलावृष्टि के कारण केला फसल को भारी नुकसान हुआ था। उसके बाद से ही किसान मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने भी सर्वे में लापरवाही को लेकर कलेक्टर को एक पत्र लिखा था। पत्र में कुछ किसानों की फसल क्षति का दोबारा आकलन कराने के लिए कहा था।
किसानों का आरोप है कि पटवारी ने ठीक तरह से सर्वे नहीं किया है। 2 से 3 हेक्टेयर में फसल के नुकसान होने के बाद भी 20 से 30 हजार ही मुआवजा मिला है। इसके विपरीत कम क्षति वाले किसानों को एक से डेढ़ लाख रुपए तक मुआवजा दिया है। सोमवार शाम भी खकनार क्षेत्र के हसीनाबाद गांव में कम मुआवजा मिलने पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया था।