jhankar
ब्रेकिंग
ब्रेकिंग न्यूज : नर्मदापुरम हरदा मुख्य मार्ग धरम कुंडी ब्रिज पर दर्दनाक हादसा, ट्रक की चपेट में आने ... कुलहरदा में 100 साल पुराना जर्जर मकान भरभराकर गिरा, प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल दो माह पहले दी ग... आज का राशिफल: 28 अगस्त 2026, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे परमानंद हत्याकांड में दिलीप को आरोपी बनाने की मांग, कमल के मकान को तोड़ने कलेक्टर से लगाई गुहार शक्कर की महंगाई को लेकर कांग्रेस का पैदल मार्च, भाजपा जिलाध्यक्ष के निवास तक किया प्रदर्शन ब्रेकिंग : बानापुरा बाजार में दिनदहाड़े चाकूबाजी, बाजार में मचा हड़कंप 🌳 वृक्षों को रक्षा सूत्र बांधकर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प आदिवासियों की जमीन, पट्टे और विकास कार्यों को लेकर सौंपे दो ज्ञापन बानापुरा के खेड़ापति मंदिर में चोरी का 16 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार  हंडिया : सरकारी स्कूल की ऐसी पहल कि बनी ‘सफलता की कहानी’, खेड़ीनीमा विद्यालय का जिले से चयन,,,

Big News: फर्जी दस्तावेज बनाकर पड़ोसी की जमीन बेची, सीमांकन कराने पर हुआ पर्दाफाश

जमीन 25 साल पहले फर्जी कागज के आधार पर बेच दी गई इसकी जानकारी जमीन मालिक को भी नही लगी। अब मालिक ने सीमांकन कराया तो खुला फर्जी दस्तावेज का खेल मामला किया दर्ज –

- Install Android App -

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 बिलासपुर : सरकंडा, जयंत शिल्लेेदार तिलक नगर निवासी ने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि उनके मित्र कुष्ण कुमार खंडेलवाल जो कि उत्तरप्रदेश के वाराणसी के लक्ष्मीकुड में रहते है। इन्होने क्षेत्र की खसरा नंबर 148 की 13 डिसमिल जमीन को 1989 में रामबाई माधवप्रसाद और रामलाल मिश्रा से खरीदी थी। खरीदी गई जमीन पर श्री खंडेलवाल का अधिपत्य रहा इसी जमीन के पास में राधेश्याम जासवाल ने 1962 में 11 डिसमिल जमीन खरीदी और फिर 1981 में मनीराम को बेच दिया। राधेश्याम की जमीन का फर्जी दस्तावेज बनाते हुए 1998 राजेंद्र अग्रहरि को बेच दिया।
अपनी जमीन के फर्जी विक्रय की भनक कृष्णा खंडेलवाल को नहीं लगी।
अब जब अपनी जमीन का कृष्णा खंडेलवाल ने सीमांकन कराया तो पता चला कि जमीन पर तो कोई और का आधिपत्य है जमीन तो उन्होने बेची नही है। उन्होने जयंत शिल्लेदार को मुख्तियार नामा देकर जमीन का सीमांकन कराया तब मामले का खुलासा हुआ । कृष्णा के कहने पर पूरे मामले की शिकायत थानें में की गई। वही थाना प्रभारी ने जमीन का धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राजस्व विभाग को पत्र लिख जमीन से संबधित सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही है।