हैदराबाद/भुवनेश्वर/कोलकाताः चक्रवाती तूफान ‘तितली’ ने उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तटों के बीच श्रीकाकुलम जिले में गुरुवार सुबह काफी कहर बरपाया। आंध्र में 10 लोगों की जान लेने के साथ ओडिशा में भी इसने तबाही मचाई। वहीं, पश्चिम बंगाल में पहुंचते-पहुंचते यह कमजोर पड़ गया। हालांकि, वहां भी भारी बारिश हुई। जारी बुलेटिन के मुताबिक, आज सुबह इसका असर कमजोर पड़ गया। पश्चिम बंगाल के चार जिले मेदिनीपुर पूर्व और मेदिनीपुर पश्चिम, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना में भी बारिश हुई। अगले 48 घंटों में बारिश के आसार बने हुए हैं।
आज भी बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज
ओडिशा सरकार ने तूफान के चलते 12 तारीख को भी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला किया है। तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक उच्च स्तरीय बैठक भी की।
पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े
ओडिशा में तितली के पहुंचने पर कच्चे मकान ढह गए तथा सैकड़ों की संख्या में पेड़ गिर गए। बिजली और टेलीफोन के खंभे उखड़ जाने से संचार सेवाओं पर व्यापक असर पड़ा है। तूफान से सबसे अधिक प्रभावित वे मछुआरे हुए हैं, जो मछलियां पकड़ने समुद्र की ओर गए थे।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चक्रवाती तूूफान पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी से उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ा और श्रीकाकुलम जिले में पालासा के समीप उत्तरी अक्षांश 18.8 तथा 84.5 पूर्वी देशांतर के नजदीक से उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा तटों से गुजर गया। इस दौरान सुबह साढ़े चार बजे से साढ़े पांच बजे के बीच हवाओं की अधिकतम रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 165 किलोमीटर प्रति घंटा रही।
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चौधरी मोहन गुर्जर मध्यप्रदेश के ह्र्दयस्थल हरदा के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार है | आप सतत 17 वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवायें देते आ रहे है। आपकी निष्पक्ष और निडर लेखनी को कई अवसरों पर सराहा गया है |
