jhankar
ब्रेकिंग
मोरन नदी पर पक्का घाट नहीं होने से गणेश विसर्जन में हुई परेशानी हंडिया : गणपति विसर्जन! प्रशासन की मुस्तैदी के बीच घाट से ब्रिज तक दिखीं कुछ तस्वीरें, जिन पर ध्यान ... हरदा की श्रद्धा बुच गुर्जर ने MPSI 2025 में हासिल की सफलता, बनीं पुलिस उपनिरीक्षक पहले प्रयास में UR... हंडिया : नमामि भारतम् के तहत गूंजा ‘वंदे मातरम्’, 300 प्रतिभागियों ने किया सामूहिक गायन नाबालिग का निजता भंग करने वाला वीडियो प्रसारित करने का आरोप, साइबर जांच शुरू चारखेड़ा में चोरियों की झड़ी, तीन रात में तीन वारदातों से ग्रामीणों में चिंता हंडिया : विसर्जन कुंड तैयार, क्रेन भी पहुंची; श्री रिद्धनाथ घाट पर शुरू हुआ गणपति प्रतिमाओं के विसर्... गणेश उत्सव समिति ने जरूरतमंद मरीजों को किया रक्तदान आज 25/09'2026 का सुविचार : "कठिनाइयाँ आपको रोकने नहीं, बल्कि जगाने आती हैं" कैसा रहेगा आज MP मौसम

हंडिया : मां नर्मदा की भक्ति को मिला नया स्वर, पागल बाबा आश्रम में नूतन आरती का विमोचन, हंडिया सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालु, आरती-नर्मदाष्टक पाठ के बाद हुआ प्रसादी वितरण

हंडिया। मां नर्मदा की आराधना और भक्ति के रंग में मंगलवार की शाम पागल बाबा आश्रम पूरी तरह सराबोर नजर आया। अवसर था मां नर्मदा जी की नूतन आरती के विमोचन का। पंडित श्री रामकृष्ण दाधीच जी द्वारा रचित इस आरती का विधिवत विमोचन श्रद्धालुओं की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में हंडिया सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

कार्यक्रम की शुरुआत मां नर्मदा की आरती के साथ हुई। आरती के दौरान आश्रम परिसर में भक्ति के स्वर गूंजते रहे और श्रद्धालु मां नर्मदा की आराधना में लीन नजर आए। इसके बाद सामूहिक रूप से मां नर्मदाष्टक का पाठ किया गया।

आरती के पर्चे श्रद्धालुओं को किए वितरित

नूतन आरती के विमोचन के अवसर पर आरती के पर्चे भी श्रद्धालुओं को वितरित किए गए। आयोजकों का उद्देश्य है कि मां नर्मदा की यह आरती अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचे और धार्मिक आयोजनों के साथ घर-घर में भी इसका गायन हो।

- Install Android App -

प्रसाद और भोजन प्रसादी के साथ हुआ समापन

नर्मदाष्टक पाठ के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भोजन प्रसादी ग्रहण की और इसी के साथ आयोजन का श्रद्धा एवं भक्तिभाव के बीच समापन हुआ।

भक्ति परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास

पंडित श्री रामकृष्ण दाधीच जी द्वारा मां नर्मदा को समर्पित नूतन आरती को श्रद्धालुओं ने सराहनीय पहल बताया। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से मां नर्मदा की महिमा और भक्ति को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

पागल बाबा आश्रम में आयोजित यह शाम आरती, नर्मदाष्टक, प्रसाद और भोजन प्रसादी के साथ श्रद्धा की ऐसी छाप छोड़ गई, जिसमें मां नर्मदा की भक्ति के साथ सेवा और सामूहिकता का भाव भी देखने को मिला।

🕉️ माँ नर्मदा जी की आरती 🕉️

॥ नमामि देवी नर्मदे ॥

माँ नर्मदा जी की आरती

हे जग कल्याणी माँ रेवा की आरती,

भक्तजनों को भवसागर से तारती…॥

भई अमरकंटक, शिव जी के अंग, उद्गम स्थान तुम्हारा,

भक्तों को तेरा सहारा।

कल-कल करती, कलिमल हरती, जगपावनी माँ की आरती…॥

ध्याते हरिहर, कण-कण शंकर, शिव जी की पुत्री प्यारी,

रेवा की महिमा भारी।

दे परिक्रमा सब दुःख हर, माँ मगरवाहिनी की आरती…॥

भक्तजनों को भवसागर से तारती…॥

हे सिद्धनाथ, हे सिद्धनाथ, नाभी स्थान विराजे,

अति दिव्य रूप माँ साजे।

करे नित्य ध्यान, हो आत्मज्ञान, दुखते को पल में उबारती…॥

बाबा हरिहर नित्य सेवा कर, शिवलोक भी दुर्लभ पाया,

ऋषि-मुनि सबने भी ध्याया।

पागल बाबा, हरिहर बाबा करे माँ अमृता की आरती…॥

हे जग कल्याणी माँ रेवा की आरती,

भक्तजनों को भवसागर से तारती…॥ 🙏

प्रेरणास्रोत: माँ नर्मदा

रचनाकार: पं. रामकृष्ण दाधीच, पं. दीपांशु कृष्ण शास्त्री