भोपाल। विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को समाजवादी पार्टी ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया। भोपाल के जेपी अस्पताल के करीब सपा के प्रदेश कार्यालय के सामने हुई जनसभा में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव, प्रदेश प्रभारी बादशाह सिंह (पूर्व मंत्री उप्र सरकार), पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम सहित प्रदेश भर के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए।
पुलिस ने रोका तो बैरिकेड्स पर चढे़ कार्यकर्ता
सपा प्रदेश कार्यालय से कार्यकर्ता रैली के रूप में जैसे ही शिवाजी नगर चौराहे तक पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोका। इस दौरान कार्यकतार्ओं की पुलिस से हल्की बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर भी चढ़ते नजर आए। सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने कहा- मप्र की सरकार ओबीसी को दिए गए 27 प्रतिशत आरक्षण का क्रियान्वयन नहीं करा पाई। मप्र में ओबीसी वर्ग की आबादी 52 प्रश से ज्यादा है। तो इसी हिसाब से ओबीसी को 52 प्रश आरक्षण मिलना चाहिए।
सपा प्रदेशाध्यक्ष ने आगे कहा कि आज मप्र में किसान परेशान है। बोवनी के समय किसान को न खाद मिलता है और न ही बीज। कालाबाजारी करके किसान के हक का खाद-बीज मंहगे दामों पर बेचा जाता है। आदिवासियों की जमीनों और सहारा की जमीनों को बीजेपी के विधायक संजय पाठक कौडियों के भाव अपनों के नाम खरीद लेते हैं। संजय पाठक पर 11 सौ करोड़ का जुमार्ना लगाया गया है। लेकिन, सरकार उसकी वसूली नहीं कर पाई।
जनता बीजेपी और कांग्रेस दोनों से परेशान
उप्र सरकार के पूर्व मंत्री और सपा के प्रदेश प्रभारी बादशाह सिंह ने कहा- जनता के मूल मुद्दों पर दोनों ही दलों की चुप्पी लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। सरकार हर वर्ग की अनदेखी कर रही है और यहां जिनके पास विपक्ष की जिम्मेदारी है। वे भी अपनी भूमिका का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने अपने संबोधन में कहा- मध्यप्रदेश की जनता अब जाग चुकी है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने जनता की आवाज को कुचलने का काम किया है। सपा ही एकमात्र विकल्प है, जो बिना किसी भेदभाव के संविधान और न्याय के मूल सिद्धांतों पर जनसेवा करती है।

