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दक्षिण कोरिया में पहली बाद पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को जेल

सियोल। दक्षिण कोरिया के राजनीतिक इतिहास में पहली बार देश के एक पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पत्नी, पूर्व फर्स्ट लेडी किम की-योन ही, दोनों को एक साथ जेल हुई है। कोर्ट ने किम को रिश्वतखोरी, स्टॉक फ्रॉड और चुनावी हस्तक्षेप के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सियोल कोर्ट ने गिरफ्तारी के पीछे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका को मुख्य कारण बताया। जांच एजेंसियों के मुताबिक किम पर महंगे गिफ्ट लेने, शेयर बाजार में इनसाइडर ट्रेडिंग और राजनीतिक प्रक्रिया में अनुचित दखल के आरोप हैं।

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यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि उनके पति, पूर्व राष्ट्रपति पहले से ही भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के मामलों में जेल की सजा काट रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना दक्षिण कोरिया की राजनीति में भ्रष्टाचार विरोधी सख्ती का संकेत है। दक्षिण कोरिया में पहले भी कई पूर्व राष्ट्रपतियों पर मुकदमे हुए हैं, लेकिन पति-पत्नी दोनों का एक साथ जेल जाना इतिहास में पहली बार है। यह देश की राजनीतिक संस्कृति, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और सत्ता में बैठे लोगों की जवाबदेही पर गंभीर बहस छेड़ सकता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मामला सुर्खियां बटोर रहा है, क्योंकि दक्षिण कोरिया की छवि एक सख्त लोकतांत्रिक और पारदर्शी देश की रही है। वहीं, विपक्ष इसे सरकार का प्रतिशोध बता रहा है। बता दें 2004 में रोह मू-ह्यून ने राष्ट्रपति रहते हुए महाभियोग का सामना किया था हालांकि बाद में वह बहाल हो गए थे। इसके बाद 2009 में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के बीच उन्‍होंने आत्महत्या कर ली। ली म्युंग-बाक को 2018 में रिश्वतखोरी और गबन के आरोप में 15 साल की सजा सुनाई गई। 2022 में स्वास्थ्य आधार पर अस्थायी रिहाई मिली थी। 2017 में पार्क ग्युन-हे को भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के मामले में 25 साल की सजा हुई। 2021 में राष्ट्रपति माफी के तहत रिहाई मिली। 2023 में मून जे-इन पर कार्यकाल खत्म होने के बाद भाई पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, लेकिन खुद जांच से बच गए।