jhankar
ब्रेकिंग
एमपी में अगले 24 घंटे में बारिश-आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट विधानसभा में मर्यादा तार-तार, विजयवर्गीय व सिंघार ने खोया आपा, औकात दिखाने पर अड़े सिहोरा में मंदिर में तोड़फोड़ के बाद तनाव, दो पक्ष आमने-सामने, पथराव के बाद भारी पुलिस बल तैनात दो साल में 128 प्रोजेक्ट पूरे करने का टारगेट, सिंहस्थ तैयारी में खर्च होंगे 3,000 करोड़ वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के हित में तत्पर है सरकार: कृषि मंत्री कंषाना Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 20 फरवरी 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे हरदा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में हरदा में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन हुआ इसमें अलग-... Harda : SC/ST/OBC संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में 22 सूत्रीय मांगों को लेकर आरक्षण बचाओ संविधान बचाओ ... हरदा : राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत खिरकिया में स्क्रीनिंग शिविर 20 फरवरी को हरदा : ग्राम ख़मलाय की सलोनी और टेमलाबाड़ी के नरसिम्हा को हृदय रोग उपचार हेतु भोपाल किया रवाना

किसान हितैषी सरकार की योजनाओं से बन रहे स्वालंबी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पारदर्शी सुशासन का परिणाम अब गावों में दिखने लगा है। नेक नियत व ईमानदारी ने शासकीय योजनाओं को लागू करने से इससे प्रदेश के किसानों का जीवन स्तर कैसे सुधारा जा सकता है, इसका जीता-जागता उदाहरण हमें दिखने को मिल रहा है। जिला मुंगेली के विकासखण्ड पथरिया अंतर्गत ग्राम क़लारजेवरा के कृषक सीताराम राजपूत, पिता ईश्वर प्रसाद ने सब्जी की आधुनिक खेती अपनाकर अपनी मेहनत और लगन से एक नई मिसाल कायम की है। राजपूत के परिवार में उनके दादाजी और पिताजी पहले से ही बागवानी और कृषि कार्य करते आ रहे थे। लगभग 10 वर्षों तक उनके पिता ने परंपरागत धान की खेती की। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सीताराम राजपूत ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद खेती को अपना व्यवसाय बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने 02 एकड़ भूमि में सब्जी की खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे इसे बड़े पैमाने पर विस्तार दिया। आज सीताराम राजपूत सब्जी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग 15-16 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।

- Install Android App -

जिला उद्यानिकी विभाग मुंगेली के मार्गदर्शन में राजपूत ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया। इनमें सब्जी मिनीकिट, कृषि यंत्र, बीज, जैविक खाद, सामुदायिक नर्सरी और ड्रिप सेट जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं। इन संसाधनों का उपयोग कर उन्होंने खेती को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय का रूप दिया। सीताराम राजपूत ने स्वच्छ श्रीजना महोत्सव, जिला स्तरीय किसान मेला, मत्स्य पालन एवं कृषि संगोष्ठियों तथा विभिन्न कृषि प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।