\एकता, समरसता और सेवा भाव के साथ समाज उत्थान का लिया संकल्प
हंडिया। मंगलवार की शाम ग्राम डुमलाय (तहसील हंडिया, जिला हरदा) में गुर्जर समाज के सामाजिक बंधुओं की उपस्थिति में एकता और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6 बजे संत सिंगाजी महाराज की आरती और प्रसादी वितरण से हुआ।
इसके पश्चात ग्राम डुमलाय की नवगठित गुर्जर समाज समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का सर्वश्री गुर्जर समाज सामाजिक समिति नेमावर न्यास एवं न्याय समिति के संरक्षक, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, सहायक कोषाध्यक्ष सहित सभी गणमान्य सदस्यों द्वारा पुष्पहार, साल, श्रीफल एवं साफे पहनाकर सम्मान किया गया।
इसी अवसर पर गुर्जर समाज सामाजिक समिति नेमावर द्वारा भी ग्राम डुमलाय की नवगठित समिति का सामूहिक रूप से अभिनंदन किया गया।
समारोह में संरक्षक आर.के. यादव ने सभी को बधाई देते हुए समाज में संगठन, अनुशासन और दिशा निर्धारण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि — “समाज की शक्ति उसकी एकता में है, और जब हम सब साथ चलेंगे, तभी वास्तविक विकास संभव होगा।”
अमर सिंह यादव ने भी नई समिति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक सदस्य को समाजहित में योगदान देना चाहिए।
नवगठित समिति के अध्यक्ष रामनिवास गुर्जर डेहरिया ने कहा — “हम समाज को एक नई पहचान दिलाने और हर वर्ग को जोड़ने के लिए कदम से कदम मिलाकर कार्य करेंगे।”
वहीं पूर्व अध्यक्ष नारायण सिंह गुर्जर ने समाज में हो रहे कार्यों की सराहना करते हुए नई टीम को प्रेरित किया।
ग्राम डुमलाय समिति के अध्यक्ष मनोहर सिंह गुर्जर ने कहा कि समिति द्वारा बनाए गए सभी नियमों का पालन सख्ती से किया जाएगा और समाज के उत्थान में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
समारोह में प्रमुख रूप से आर.के. यादव, अमर सिंह यादव, रामनिवास गुर्जर, नारायण सिंह गुर्जर, गणेश बाबा, भंवर सिंह पटेल, हरिओम पटेल, गोबिंद पटेल, रामनिवास पटेल, विजय सिंह यादव, महेंद्र साद, बलराम पटेल, मनीष पटेल, अजय गुर्जर, राजु माल्या, कमल सिंह, विजय सिंह पटेल, अशोक मुंगलिया, सूरज सिंह पटेल, जगदीश यादव, श्रीराम चौहान, सौरभ माल्या, सुरेश यादव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षक शिवप्रसाद माल्या एवं अनिल गुर्जर द्वारा किया गया।
पूर्णिमा के पावन अवसर पर पधारे सभी गणमान्य अतिथियों और समाज बंधुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर सामाजिक एकता का परिचय दिया।

