भोपाल। अतिक्रमण और आवारा कुत्तों से ग्वालियर के नगरवासी सबसे ज्यादा परेशान हैं। पूरे मध्य प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग की सर्वाधिक 59 हजार शिकायतें इसी शहर से आई हैं। दूसरे नंबर पर भोपाल, फिर इंदौर और जबलपुर चौथे स्थान पर है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की पांच लाख 36 हजार 544 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में पहुंची हैं। उज्जैन शहरी शिकायतों के मामले में पांचवें स्थान पर है। यहां 18 हजार शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में पहुंची हैं।
सागर जिले में 17 हजार 486 शिकायतें पहुंची हैं। दस हजार से अधिक शिकायतों वाले शहरों में सागर, मुरैना, रीवा, सतना, भिंड, रतलाम, छतरपुर, शिवपुरी, गुना जैसे शहर शामिल हैं। राजधानी भोपाल जो शहरी क्षेत्रों में शिकायत के मामले में दूसरे नंबर पर है, यहां 57 हजार 707 शिकायतें हैं। इंदौर में 54 हजार 704 और जबलपुर में 35 हजार 738 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में पहुंची हैं। सीएम हेल्पलाइन में पहुंची शिकायतों में से 74 फीसदी शिकायतों का समाधान कर दिया गया है।
यहां आवारा कुत्तों से जुड़ी 3448 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में पहुंची हैं। आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं भी सीएम हेल्पलाइन मामले में पांचवें स्थान पर हैं। यहां सर्वाधिक भोपाल में हुई हैं। ग्वालियर में 1496 लोग आवारा कुत्तों से परेशान हैं। जबलपुर में ऐसी 1346 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में पहुंची हैं। रतलाम में 623 और उज्जैन में 557, खंडवा में 439 लोग आवारा कुत्तों से परेशान हैं। इनके अलावा देवास, कटनी, रीवा, बुरहानपुर, सतना, मुरैना और सिंगरौली में भी आवारा कुत्तों से परेशान लोगों ने सीधे सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें की हैं।
आवारा पशु, गाय-बैल, भैंस से ग्वालियर के लोग सर्वाधिक परेशान हैं। यहां 413 शिकायतें आई हैं। जबलपुर में 237 लोग आवारा पशुओं से परेशान हैं। उज्जैन में 206 शिकायतें आई हैं। जबलपुर में सुअरों का आतंक भी बढ़ गया है। जबलपुर में 983, ग्वालियर में 804 अतिक्रमण की शिकायतें पहुंची हैं। रीवा में 411, उज्जैन में 374 शिकायतें पहुंची हैं. खंडवा, मुरैना, कटनी, रतलाम, देवास, बुरहानपुर, सागर, छिंदवाड़ा और सिंगरौली में भी अतिक्रमण की शिकायतें पहुंची हैं।

