विदिशा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज गुरुवार 5 मार्च को 66 साल के हो गए हैं। उनके समर्थक शिवराज के जन्मदिन को प्रेम सेवा संकल्प दिवस के रूप में मना रहे हैं।शिवराज ने अपने 66वें जन्मदिन पर भोपाल के स्मार्ट पार्क में परिवार के साथ पौधारोपण किया। यहां मीडिया से कहा कि वे आज 5 संकल्प ले रहे हैं। ये पर्यावरण, सेवा, सहायता, शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन से जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिवराज को बधाई देते हुए X पर लिखा-
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी को उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वे अपने विनम्र स्वभाव और जनता से जुड़ाव के लिए प्रशंसित हैं। वे हमारे किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं। हम उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं।
विदिशा में भरवाए मामा कोचिंग के एडमिशन फॉर्म
भोपाल में पौधारोपण करने के बाद शिवराज, पत्नी साधना सिंह के साथ विदिशा पहुंचे। रवींद्रनाथ टैगोर संस्कृति भवन में मामा कोचिंग क्लासेस की शुरुआत की। इस कोचिंग में कंपटीटिव एग्जाम की तैयारी कराई जाएगी। बैंकिंग, SSC, MPPSC, DRDO और फॉरेस्ट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी कराई जाएगी।
कोचिंग ऑनलाइन भी होगी ताकि जो छात्र सेंटर तक नहीं आ पा रहे हैं, वे अपने घर पर रहकर इसका फायदा ले सकें। विदिशा, रायसेन और भैरूंदा में 100-100 स्टूडेंट्स का पहला बैच जल्द शुरू होगा। इसके लिए आज से ही फार्म भरे जा रहे हैं।
इस मौके पर शिवराज बोले- पेड़ जीने और पेट भरने, बच्चों, कीट-पतंगों के लिए जरूरी हैं।
स्वागत में माला, गुलदस्ते-गिफ्ट की जगह पौधे
शिवराज ने अपने दोनों मंत्रालयों- केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय में यह परंपरा शुरू करा दी है कि विभागीय कार्यक्रमों में गुलदस्ते, शॉल और मोमेंटो के बजाय पौधे भेंट करके स्वागत करें। पौधे लगाने वाले लोग क्यूआर कोड के जरिए अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड करके शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे।
विदिशा में केंद्रीय मंत्री शिवराज ने अपने समर्थकों और बीजेपी कार्यकर्ताओं से अपील की कि इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग न लगाया जाए। शॉल, बुके या गिफ्ट न लाया जाए। उन्होंने आग्रह किया कि यदि कोई उन्हें शुभकामना देना चाहता है, तो वह एक पौधा अवश्य लगाए।
शिवराज ने कहा- धरती माता को बचाने के इस पुण्य अभियान में मेरा साथ दें। आने वाली पीढ़ी के लिए जीवन सुरक्षित करना ही मेरा सबसे बड़ा उपहार होगा।

