मकड़ाई एक्सप्रेस 24 रायपुर । राजधानी के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में एक दुखद हादसा सामने आया है। जहां सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 3 लोगो की मौत हो गई। इस घटना में एक बार फिर मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला ढोने) पर प्रतिबंध और संबंधित सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है जो कि निंदनीय है।
बिना सुरक्षा उपकरण के 20 फीट गहरे टैंक में उतारा
यह घटना 17 मार्च 2026 की रात की है। अस्पताल परिसर में लगभग 20 फीट गहरा स्थित और संशारे से लेकर टैंक की सफाई का काम चल रहा था। आरोप है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण या ऑक्सीजन मास्क के बिना मजदूरो को टैंक के अंदर उतारा गया ।
दम घुटने से हुई मौत
बताया जा रहा है कि सफाई के दौरान टैंक में जमा गैस के कारण मजदूर का दम घुटने लगा। अस्पताल ले जाने पर डाक्टर ने तीनो को मृत घोषित कर दिया।मृतक की पहचान इस प्रकार हुई है:
अनमोल मचकन (25 वर्ष)
प्रशांत कुमार (32 वर्ष)
गोविंद सेंद्रे (35 वर्ष)
पुलिस जांच और दस्तावेज़ रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि हादसे का मुख्य कारण दम घुटना और सुरक्षा मानक की कमी थी।
मामले में कानूनी कार्रवाई
टिकरापारा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) के तहत बालवाड़ी किशन सोनी के खिलाफ मामला दर्ज किया। संबंधित ठैकेदार पर ‘हाथ से मैला उठाने वाले मजदूरों के सामान का प्रतिषेध अधिनियम, 2013’ के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
सिस्टम और सुरक्षा पर प्रश्न
विशेषज्ञ के अनुसार, सैप्टिक टैंकों की सफाई अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। यदि मानव प्रवेश की आवश्यकता है, तो गैस डिटेक्टर, वाशमीन ब्लोअर और ट्राइपोड लिफ्ट सिस्टम जैसे उपकरण का होना अनिवार्य है। इस दुर्घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर अनदेखी को प्रमाणित किया है।

