हरदा। सोमवार को किसान आक्रोश मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल ने हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को लिखित शिकायत करते हुए कहा कि एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि. कंपनी के द्वारा द्वारा किसानों को मूंग रिसर्च वैरायटी के नाम पर अधिक मूल्य पर बीज विक्रय किया गया है। शिकायत पत्र में कहा गया कि बीज का प्रिंसिपल सर्टिफिकेट (PC) एक आधिकारिक दस्तावेज है
जो बीज उत्पादक या अधिकृत वितरक द्वारा डीलर को दिया जाता है, जो यह प्रमाणित करता है कि डीलर प्रामाणिक बीज बेचने के लिए अधिकृत है। यह बीज का व्यवसाय, जैसे सोयाबीन, गेहूं, धान आदि, शुरू करने के लिए आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
हरदा की एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि जिसने समर्थन मूल्य 8,768 रु. क्विंटल वाली मूंग को 25,000 रु. क्विंटल के भाव पर ‘रिसर्च बीज’ बताकर बाजार में उतार दिया था ।
जांच में कंपनी ने बिना पीसी के हरदा, नर्मदापुरम और इंदौर में बीज बेचने की बात सामने आई है। कंपनी द्वारा बिना सर्टिफिकेट के चार गुना दामों पर महंगे बीज बेचे गए हैं कंपनी के सभी संचालकों पर एफआईआर दर्ज की जाए इसके साथ ही कंपनी बिलो और जीएसटी रिकॉर्ड की पड़ताल की जाए ताकि सारा घोटाला सामने आ सके ।
बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और नकली बीजों की बिक्री को रोकना प्रशासन का कार्य है संबंधित कंपनी द्वारा बिना सर्टिफाइड दस्तावेजों के मूंग मक्का सोयाबीन सरसों गेहूं के बीज चार गुना दामों पर बेचे गए हैं यह सीधा-सीधा किसानों से लूट है और एक गंभीर अपराध है ।
संबंधितों पर अपराधिक मामले दर्ज किये जाए एवं गोदाम को सील किया जाए ताकि इस प्रकार बिना मानक स्तर का बीज महंगे दामों में बाजार में ना बिके और किसानों को आर्थिक नुकसान ना हो ।
संबंधित फर्म पर बिना सर्टिफाइड बीज बेचने के चलते सख्त कार्रवाई का प्रावधान कानून में है । नए कानूनों के तहत, 30 लाख रुपये तक का जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। दोषी डीलरों के लाइसेंस रद्द कर, अचानक छापेमारी, सैंपल की जांच और दुकानों/फैक्ट्रियों को सील करने का नियम है ।

