MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम का तांडव; 45 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, ओले गिरने की चेतावनी
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल | मध्य प्रदेश में एक साथ 4 वेदर सिस्टम सक्रिय होने के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश के बीचों-बीच से गुजर रही टर्फ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के बड़े हिस्से में प्री-मानसून जैसी गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
जबलपुर, पन्ना और दमोह में ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने आज शनिवार को विशेष रूप से जबलपुर, पन्ना, कटनी, छतरपुर और दमोह जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की भी प्रबल आशंका है, इसलिए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
45 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी
भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग सहित प्रदेश के लगभग 45 जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश और तेज आंधी चलने की संभावना है। कई इलाकों में आंधी की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
प्रमुख प्रभावित जिले
भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, सागर, रीवा, सतना, और शहडोल संभाग के अधिकांश जिलों में मौसम विभाग ने ‘येलो’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है।
7 अप्रैल से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम
राहत के आसार फिलहाल कम हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 7 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में बारिश और आंधी का एक नया दौर शुरू होगा, जो 10 अप्रैल तक जारी रह सकता है।
क्यों बदला मौसम….?
वर्तमान में प्रदेश में चार सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं-
प्रदेश के मध्य भाग में एक टर्फ लाइन।
ऊपरी वायुमंडल में एक अन्य टर्फ लाइन।
पश्चिमी मध्य प्रदेश पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन।
उत्तरी भाग में एक अन्य चक्रवातीय घेरा।
इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से नमी आ रही है, जिससे तापमान में गिरावट आई है लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
सावधानी की अपील
आम जन को आंधी-तूफान के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्ची दीवारों का सहारा नही लेना चाहिये । सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें।

