‘नागपाश’ – हवा में दुश्मन के ड्रोन को करेगा खत्म
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 इंदौर ।शहर ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां स्वदेशी ‘नागपाश’ उड़ता ड्रोन जैमर तैयार किया गया है, जो हवा में ही दुश्मन के ड्रोन को निष्क्रिय करने में सक्षम है।
यह सिस्टम खासतौर पर स्वॉर्म अटैक यानी एक साथ कई ड्रोन से होने वाले हमलों से निपटने के लिए बनाया गया है। नागपाश एक साथ कई ड्रोन को लॉक कर उन्हें जमीन पर गिरा सकता है या उनके सिग्नल को पूरी तरह जाम कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह तेज गति से उड़ते हुए ड्रोन को भी चिन्हित कर कुछ ही सेकंड में बेअसर कर देता है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा पर और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में इंदौर में बना यह उपकरण सुरक्षा बलों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। इसे सेना और अर्धसैनिक बलों को जल्द सौंपे जाने की संभावना है।
2 करोड़ का फायर फाइटिंग रोबोट – जहां इंसान न जाए वहां जाएगा
इंदौर फायर ब्रिगेड को आज 2 करोड़ रुपए का अत्याधुनिक फायर फाइटिंग रोबोट मिला है। यह रोबोट खासतौर पर उन जगहों पर आग बुझाने के लिए डिजाइन किया गया है जहां इंसानों का पहुंचना मुश्किल या जानलेवा होता है।
खास फीचर्स:
– 8-10 घंटे की बैटरी लाइफ : एक बार फुल चार्ज में लगातार काम कर सकता है
– केमिकल प्लांट और ऊंची बिल्डिंग : जहरीले धुएं और तेज आग वाले क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से काम करेगा
– तंग गलियों में कारगर : पुराने शहर की संकरी गलियों में भी आसानी से पहुंचकर आग बुझा सकता है
– रिमोट कंट्रोल : फायरकर्मी सुरक्षित दूरी से इसे ऑपरेट कर सकते हैं
इंदौर में पिछले कुछ सालों में केमिकल फैक्ट्रियों और ऊंची इमारतों में आग की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में यह रोबोट फायरकर्मियों की जान बचाने और आग पर तेजी से काबू पाने में मददगार होगा।
इंदौर बन रहा टेक्नोलॉजी हब
रक्षा और आपदा प्रबंधन दोनों क्षेत्रों में इंदौर की यह पहल शहर को टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित कर रही है। स्थानीय इंजीनियरों और स्टार्टअप्स ने इन दोनों उपकरणों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रशासन का कहना है कि नागपाश जैसे स्वदेशी उपकरण न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम हैं, बल्कि इंदौर को डिफेंस इनोवेशन का नया केंद्र भी बना रहे हैं। वहीं फायर फाइटिंग रोबोट से शहर की आपदा प्रबंधन क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

