हरदा | रहटगांव
31 मई को दोपहर लगभग 1 बजे हरदा जिले के रहटगांव क्षेत्र में एक मॉनिटर लिज़र्ड (गोरिया/गोह/बिस्कोपड़ा) का सुरक्षित रेस्क्यू त्रिरत्न फाउंडेशन की टीम द्वारा किया गया। रेस्क्यू के दौरान यह देखने को मिला कि क्षेत्र में इस जीव को लेकर अनेक प्रकार के अंधविश्वास फैले हुए हैं। कई लोग इसे जहरीला बता रहे थे, जबकि कुछ लोगों का कहना था कि इसके काटने से व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है।
त्रिरत्न फाउंडेशन के सदस्य विनय गौर, जो वर्षों से वन्यजीव संरक्षण एवं रेस्क्यू कार्यों से जुड़े हुए हैं, ने ग्रामीणों को समझाने का हर संभव प्रयास किया कि मॉनिटर लिज़र्ड कोई विषैला जीव नहीं है और इसके बारे में फैली अधिकांश बातें केवल भ्रांतियाँ हैं। लेकिन वर्षों से चली आ रही मान्यताओं के कारण कई लोगों ने उनकी बातों पर विश्वास करने से इंकार कर दिया।
लोगों का अंधविश्वास दूर करने और सच सामने लाने के लिए विनय गौर ने सभी के सामने स्वयं अपने हाथ पर मॉनिटर लिज़र्ड से बाइट करवाया। इसके बाद वे काफी समय तक लोगों के बीच मौजूद रहे और उन्हें समझाते रहे कि इस जीव को लेकर फैली बातें वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए और कई लोगों की वर्षों पुरानी गलतफहमियाँ दूर हुईं।
रेस्क्यू के दौरान भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण यह जीव काफी घबराया हुआ और कमजोर अवस्था में था। उसकी हालत को देखते हुए विनय गौर ने अपनी हथेली में पानी लेकर उसे पानी पिलाया। जीव प्रेम और संवेदनशीलता का यह दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी वन्यजीव के प्रति ऐसा समर्पण और प्रेम देखा है।
इस दौरान त्रिरत्न फाउंडेशन के सदस्य कपिल राठौर भी मौके पर मौजूद रहे और जागरूकता अभियान में सहयोग किया।
ग्रामीणों को जागरूक करने और सभी गलतफहमियाँ दूर करने के बाद त्रिरत्न फाउंडेशन की टीम ने मॉनिटर लिज़र्ड को सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया। साथ ही सभी लोगों से अपील की गई कि किसी भी वन्यजीव को अंधविश्वास या डर के कारण नुकसान न पहुँचाएँ तथा रेस्क्यू के लिए तुरंत त्रिरत्न फाउंडेशन से संपर्क करें।📞 संपर्क: +91 84619 22976, +91 76929 75840
“अंधविश्वास नहीं, जागरूकता फैलाइए। जीवों को मारिए नहीं, बचाइए।”

