सिवनी मालवा के लाल ने दिया सर्वोच्च बलिदान, हवलदार संतोष कुमार जाट वीरगति को प्राप्त, सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
जाट गुराडिया गांव में शोक की लहर, तिरंगे में लिपटा पहुंचा पार्थिव शरीर, “जब तक सूरज चांद रहेगा, संतोष तेरा नाम रहेगा” के नारों से गूंजा आसमान_
केके यदुवंशी पत्रकार
सिवनी मालवा।देश की रक्षा करते हुए सिवनी मालवा तहसील के जाट गुराडिया गांव के वीर सपूत, हवलदार संतोष कुमार जाट पश्चिम बंगाल सिडो गुड़ी मैं पदार्थ थे।वीरगति को प्राप्त हो गए। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ पैतृक गांव लाया गया, जहां हजारों नम आंखों ने अपने लाल को अंतिम विदाई दी।
शिवपुर थाना प्रभारी एन के रजक के अनुसार, हवलदार संतोष कुमार जाट भारतीय सेना में सेवारत थे। ड्यूटी के दौरान देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। शहादत की खबर मिलते ही जाट गुराडिया सहित पूरे सिवनी मालवा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वह अपने पीछे एक 12 वर्ष का लड़का और एक 15 वर्ष की लड़की और पत्नी छोड़कर वीरगति को प्राप्त हो गए।
तिरंगे में लिपटा आया पार्थिव शरीर
सुबह सेना के जवान हवलदार संतोष कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटाकर उनके गृह ग्राम जाट गुराडिया लेकर पहुंचे। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही भारत माता की जय” और शहीद संतोष कुमार अमर रहें” के नारों से गूंजा अंतिम यात्रा में अधिकारी जनप्रतिनिधि सहित नागरिकों में श्रद्धांजलि दी अंतिम संस्कार बिलरिया घाट पर किया जाएगा।

