मध्य प्रदेश की राजधानी के रिहायशी इलाकों में वर्षों से अवैध रूप से चल रही दुकानों, दफ्तरों, बैंकों और शोरूमों पर नगर निगम सख्त कार्रवाई करने जा रहा है।
निगम ने अनुमान लगाया है कि शहर में करीब 30 हजार ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना जरूरी अनुमति के संचालित हो रहे हैं।
दस्तावेज नहीं दिखाने पर तुरंत होगी सील
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन प्रतिष्ठानों के संचालकों को नोटिस जारी कर जरूरी कागजात मांगे जाएंगे।
अगर तय समय में वैध दस्तावेज पेश नहीं किए गए तो संबंधित दुकान या शोरूम को तुरंत सील कर दिया जाएगा।
कार्रवाई का मकसद रिहायशी क्षेत्रों में बढ़ रहे व्यावसायिक दबाव और नियमों के उल्लंघन को रोकना है।
सालों से चल रहा था अवैध कारोबार
शहर के कई कॉलोनियों और हाउसिंग सोसायटियों में मकानों को दुकानों और कार्यालयों में बदला गया है। बिना ट्रेड लाइसेंस, नक्शा पास और फायर NOC के ये प्रतिष्ठान सालों से चल रहे थे।
अब निगम ने इन्हें चिन्हित कर अभियान शुरू करने की योजना बनाई है।
निगम का मकसद: नियमों का पालन करवाना
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राजस्व बढ़ाने और शहर की व्यवस्थित प्लानिंग के लिए जरूरी है।
जिनके पास वैध कागज होंगे उन्हें राहत दी जाएगी, लेकिन बिना अनुमति वालों पर सीधी सीलिंग की कार्रवाई होगी।

