MP में 4-5 अगस्त से फिर हैवी रेन का अलर्ट भोपाल-इंदौर समेत अधिकांश जिलों में आज हल्की बारिश अब मानसून फिर पकड़ेगा रफ्तार
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अभी 2 सिस्टम एक्टिव हैं, जिसके चलते नमी लगातार मिल रही है। इसका असर 4-5 अगस्त से देखने को मिलेगा जब कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। आज यानी 2 अगस्त को भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।
कहां कैसा रहेगा मौसम आज
मौसम विभाग ने आज 2 अगस्त रविवार के लिए 50 से अधिक जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें शामिल हैं। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा समेत अन्य जिले।
इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
आज 3 अगस्त सोमवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, निवाड़ी और टीकमगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी है, यहां साढ़े 4 इंच तक बारिश संभव है।
4-5 अगस्त को तांडव करेगी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 4 अगस्त से बारिश की तीव्रता बढ़ेगी। ग्वालियर, दतिया और मुरैना में अति भारी बारिश का *ऑरेंज अलर्ट* है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है।
वहीं प्रदेश के श्योपुर, निवाड़ी, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर और छतरपुर में भी भारी बारिश का *येलो अलर्ट* जारी किया गया है।
इंदौर-भोपाल में कैसा रहेगा हाल
इंदौर*-शहर में मानसून के दो महीने में 32% कम बारिश हुई है। जून-जुलाई में औसत के मुकाबले सिर्फ 11 इंच बारिश दर्ज की गई जबकि सामान्य 16 इंच था। अब अगस्त में बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट आएगी।
राजधानी भोपाल में मौसम
भोपाल में अगस्त में औसत 14 दिन बारिश होती है। साल 2006 में अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड बना था। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन राजधानी में भी रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा।
आम जन के लिए जरूरी सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों और निचले इलाकों में जलभराव से बचें। तेज हवाएं 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

