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हाथ में सोयाबीन का पौधा लेकर आज तहसील पहुंचे किसान, बोले—फसलों का सर्वे कराओ, राहत और बीमा दिलाओ!

राष्ट्रीय किसान मोर्चा के नर्मदापुरम संभाग अध्यक्ष राजू कमेड़िया के नेतृत्व में तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन; सोयाबीन, मक्का, धान सहित अन्य खरीफ फसलों के नुकसान का शीघ्र सर्वे कराने की मांग!

हंडिया। खरीफ फसलों में नुकसान की स्थिति को लेकर किसानों ने सोमवार को प्रशासन का ध्यान खींचा। हाथ में सोयाबीन का पौधा लेकर किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और फसल नुकसान का वास्तविक आकलन कराने की मांग उठाई। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के नर्मदापुरम संभाग अध्यक्ष राजू कमेड़िया के नेतृत्व में किसानों ने तहसीलदार हंडिया को ज्ञापन सौंपकर सोयाबीन, मक्का, धान सहित अन्य खरीफ फसलों का शीघ्र एवं निष्पक्ष सर्वे कराने तथा पात्र किसानों को नियमानुसार राहत राशि और फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की।

किसानों ने ज्ञापन में बताया कि हंडिया तहसील के अनेक गांवों में चालू खरीफ सीजन के दौरान कम एवं अनियमित बारिश तथा अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों के सामने खेती में किए गए खर्च की भरपाई का संकट खड़ा हो गया है।

गिरदावरी में भी उठी गड़बड़ी की बात, किसानों ने कहा—खेत में सोयाबीन, सेटेलाइट में दूसरी फसल

किसानों ने तहसीलदार के सामने गिरदावरी से जुड़ी समस्या भी प्रमुखता से रखी। किसानों का कहना था कि उनके खेत में सोयाबीन की फसल खड़ी है, लेकिन गिरदावरी के दौरान सेटेलाइट रिकॉर्ड में दूसरी फसल बताई जा रही है। किसानों ने कहा कि खेत में वास्तविक फसल कुछ और है और सेटेलाइट में दूसरी फसल दर्ज होने से आगे फसल बीमा एवं राहत की प्रक्रिया में परेशानी खड़ी हो सकती है।

किसानों की इस समस्या पर तहसीलदार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सेटेलाइट आधारित गिरदावरी में तकनीकी समस्या के कारण ऐसा हो रहा है। इसे संबंधित स्तर पर ठीक कराया जाएगा। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। वास्तविक स्थिति के अनुसार रिकॉर्ड को दुरुस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार के इस जवाब के बाद किसानों ने गिरदावरी में वास्तविक फसल दर्ज कराने की प्रक्रिया जल्द दुरुस्त कराने की बात रखी।

हाथ में फसल, प्रशासन के सामने किसानों की पीड़ा,,

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तहसील कार्यालय पहुंचे किसानों द्वारा सोयाबीन का पौधा साथ लेकर आना पूरे मामले का प्रमुख संदेश रहा। किसानों ने फसल की स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से प्रशासन के सामने रखते हुए कहा कि खेतों में हुए नुकसान का सही आकलन जरूरी है, ताकि वास्तविक प्रभावित किसानों को सरकारी सहायता का लाभ मिल सके।

ज्ञापन में मांग की गई कि हंडिया तहसील के प्रभावित सभी गांवों में खेत स्तर पर फसल क्षति का सर्वे कराया जाए। सर्वे प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो तथा किसी भी प्रभावित किसान का नाम सर्वे से छूटना नहीं चाहिए।

सर्वे के बाद राहत और बीमा का लाभ देने की मांग,,,

किसानों ने प्रशासन से मांग की कि फसल क्षति का सर्वे जल्द पूरा कर पात्र किसानों को शासन के नियमानुसार राहत राशि एवं फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए। किसानों का कहना है कि फसल खराब होने की स्थिति में समय पर सहायता मिलना जरूरी है, ताकि खेती में हुए आर्थिक नुकसान से उबरने में मदद मिल सके।

किसानों ने तहसील प्रशासन से सर्वे से लेकर राहत एवं बीमा की प्रक्रिया तक समयबद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया।

ये रहे मौजूद

इस दौरान राष्ट्रीय किसान मोर्चा के नर्मदापुरम संभाग अध्यक्ष राजू कमेड़िया, जिला प्रभारी रामभरोस मुंडेल, जिला अध्यक्ष रोहित जाट, जिला महासचिव राजेश जाट, जिला मंत्री सुनील घटेला, किसान शिव कापड़िया, संजय कापड़िया, मनोज गुर्जर, अजय पेड़ीवाल, गोविंद पंडित, राहुल सारण, धरम जाट, रमेश आर्यन, राजू लटियाल, विनोद यादव, मांगीलाल, किशनलाल झिंझोरे एवं राधेश्याम जी सहित हंडिया तहसील क्षेत्र के अनेक किसान मौजूद रहे।

किसानों ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित खेतों का वास्तविक सर्वे कराकर पात्र किसानों को शासन के नियमानुसार राहत और फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए, ताकि फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक संबल मिल सके।