हरदा ।जिले में लोड शेडिंग के नाम पर हो रही अघोषित बिजली कटौती ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर नवरात्रि पर्व पर गांव-गांव में माँ दुर्गा के पंडाल सजे हैं, वहीं दूसरी ओर रात में घंटों बिजली गुल होने से धार्मिक आयोजन फीके पड़ रहे हैं।
कमताड़ा में टॉर्च और वाहनों की रोशनी में हो रही पूजा
कमताड़ा सहित कई गांवों में शाम होते ही बिजली गायब हो जाती है। पंडालों में अचानक अंधेरा छाने से गरबा और आरती बीच में रोकनी पड़ रही है। श्रद्धालुओं को दीये, मोबाइल की टॉर्च और चार पहिया वाहनों की हेडलाइट की रोशनी में पूजा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। आयोजकों का कहना है कि अंधेरे में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना हुआ है।
करताना-नौसर में सीटी जलने से 5 घंटे बिजली बंद
इसी बीच मंगलवार को करताना-नौसर क्षेत्र में बड़ी खराबी आ गई। सब-स्टेशन की 11 केवी लाइन की सीटी जलने से घरेलू और कृषि फीडर पूरी तरह बंद हो गए। सुबह 10 बजे से दोपहर पौने तीन बजे तक करीब 5 घंटे बिजली ठप रही। इससे वेल्डिंग सहित बिजली से चलने वाली सभी दुकानों का काम बंद हो गया और ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
सूचना मिलने पर विद्युत वितरण कंपनी की टीम जिला मुख्यालय से मौके पर पहुंची और जली हुई सीटी की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की।
ग्रामीणों का कहना है कि रात में बार-बार बिजली जाने से मच्छरों के कारण नींद भी पूरी नहीं हो पा रही है। लोगों ने नवरात्रि पर्व को देखते हुए लोड शेडिंग के नाम पर हो रही कटौती को तुरंत बंद करने की मांग की है।
विभाग के डीपीएम संजय यादव के अनुसार वर्तमान में बिजली की डिमांड बढ़ने के कारण लोड शेडिंग की जा रही है।

