खुशियों की दास्तां हरदा की अर्चना नागर ने रोसेल फूल से तैयार किया अंतर्राष्ट्रीय बेवरेज ब्रांड ‘बरगंडी बाघ’
ग्रामीण एवं जनजातीय महिलाओं के साथ मिलकर कर रहीं काम,
खेती आधारित स्टार्टअप को दुबई से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक मिली पहचान
हरदा : मध्यप्रदेश के हरदा जिले के सिरकम्बा गांव की महिला उद्यमी किसान अर्चना नागर अपनी माता निर्मल धाकड़ के साथ मिलकर खेती आधारित अनूठे व्यवसाय का संचालन कर रही हैं। उनके ब्रांड ‘बरगंडी बाघ’ ने रोसेल फूल से तैयार पेय पदार्थों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
इस उद्यम से करीब 600 से अधिक ग्रामीण एवं जनजातीय महिलाएं जुड़ी हैं, जिन्हें रोजगार और आजीविका के अवसर मिल रहे हैं। अर्चना नागर ने विगत 9 अक्टूबर को हरदा में आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्यमी संवाद कार्यक्रम में अपने उत्पाद मुख्यमंत्री को भेंट किये एवं अपनी सफलता की कहानी सुनाई।
अर्चना नागर ने पारंपरिक खेती के अनुभव को आधुनिक उद्यमिता से जोड़कर एक ऐसा बेवरेज ब्रांड विकसित किया है, जो फूलों पर आधारित पेय पदार्थों के लिए जाना जाता है। उनके उत्पादों में ग्रीन टी, हर्बल टी, आइस टी और रिफ्रेशिंग ड्रिंक शामिल हैं। ब्रांड का प्रमुख उत्पाद ‘लाइफ स्टाइल रिफ्रेशिंग रोसेल ड्रिंक’ है, जिसे रोसेल फूल से तैयार किया जाता है। अर्चना नागर के अनुसार, रोसेल (हिबिस्कस सबडैरिफा) एक विशेष प्रकार का फूल है, जिसका उपयोग पेय पदार्थ बनाने में किया जाता है।
इस फूल की खेती और इसके व्यावसायिक उपयोग को लेकर उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक काम किया। परिवार को खेती-किसानी का पुराना अनुभव होने के कारण इस दिशा में उन्हें काफी मदद मिली। माता निर्मल धाकड़ और परिवार के कृषि ज्ञान एवं अनुभव के सहयोग से उन्होंने हरदा जिले के अपने गांव में रोसेल की खेती को विकसित किया।
अर्चना ने अपने स्टार्टअप की शुरुआत लगभग चार वर्ष पहले की थी। अब उनका कहना है कि ‘बरगंडी बाघ’ एक स्थापित ब्रांड बन चुका है और कंपनी लाभ की स्थिति में पहुंच गई है। उनका उद्यम अब पांचवें वर्ष में है। ब्रांड के प्रमुख उत्पाद ‘लाइफस्टाइल रिफ्रेशिंग रोसेल ड्रिंक’ की विशेषता बताते हुए अर्चना कहती हैं
कि यह फूल आधारित पेय है, जिसमें कृत्रिम रंग और फ्लेवर का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसमें चीनी के स्थान पर मिश्री का उपयोग किया जाता है। कंपनी अपने उत्पादों को प्राकृतिक और ऑर्गेनिक विशेषताओं के साथ बाजार में प्रस्तुत करती है।
अर्चना नागर के मुताबिक, उनके उद्यम को जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान एवं पुरस्कार मिल चुके हैं। उनके अनुसार, जनवरी 2026 में भारत सरकार की कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की पहल के तहत दुबई में आयोजित गल्फूड कार्यक्रम में उनके ब्रांड को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च करने का अवसर मिला।
इसके बाद मार्च 2026 में वर्ल्ड टी एक्सपो के लिए भी उनका चयन हुआ। अर्चना के अनुसार, उनके उद्यम से संबंधित स्टार्टअप इंडिया, एमएसएमई, एपीडा, फिक्की, टी बोर्ड ऑफ इंडिया, यूएस एफडीए और केंद्रीय एफएसएसएआई सहित विभिन्न संस्थानों से जुड़े पंजीकरण, प्रमाणपत्र अथवा अनुमति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध हैं।
‘बरगंडी बाघ’ का कारोबार मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है। कंपनी की अपनी वेबसाइट के जरिए देशभर में ग्राहकों तक उत्पाद पहुंचाए जा रहे हैं। अर्चना के अनुसार, उनके उत्पादों का अमेरिका, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भी निर्यात किया जा रहा है।
अब कंपनी कारोबार के विस्तार के लिए मॉडर्न रिटेल ट्रेड, ऑफलाइन बाजार, होटल-रेस्तरां-कैटरिंग, कॉर्पाेरेट गिफ्टिंग और संस्थागत बाजारों में भी अपनी पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही है।
अर्चना नागर का कहना है कि उनका व्यवसाय प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए पांच प्रमुख विचारों – समस्या में समाधान तलाशना, आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तिकरण, वोकल फॉर लोकल और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाना से प्रेरित है। उनके अनुसार, कोरोना काल की चुनौतियों के बीच उन्होंने अवसर तलाशते हुए अपने उद्यम की दिशा तय की।
गांव से शुरू हुआ यह प्रयास आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं को साथ जोड़कर वे रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही हैं।
अर्चना नागर और उनकी माता निर्मल धाकड़ का यह प्रयास खेती-किसानी के पारंपरिक ज्ञान, महिला उद्यमिता और आधुनिक बाजार की संभावनाओं को जोड़ने का उदाहरण है। ‘बरगंडी बाघ’ के माध्यम से वे स्थानीय कृषि उत्पाद को ब्रांड के रूप में विकसित कर ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी के साथ व्यवसाय का विस्तार कर रही हैं।

