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मजाक बनकर रह गई सीएम साहब आपकी सीएम हेल्पलाइन कंट्रोल रूम राजधानी में रिमोट जिले के अधिकारियों के हाथ मे

अतिक्रमण हटाने 3 साल से सीएम हेल्पलाइन पर चल रही शिकायत, नही हुआ समाधान

मकड़ाई समाचार हरदा।
सीएम शिवराज सिंह चौहान के द्वारा आमजन की समस्याओं के तुरंत निराकरण एवं सरकार से आम अदनी से सीधे कैसे सम्पर्क हो इसी के उद्देश्य से सीएम हेल्पलाइन की शुरुआत प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने की थी।इसको लेकर एक पूरी टीम राजधानी में कंट्रोल रूम में बैठी हुई है। लेकिन दुर्भाग्य कहे कि प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के गृह जिले में  जिस समस्या का समाधान   कुछ दिनों में हो जाना चाहिए। वह समस्या को दूर करने में अधिकारियों ने महीनों नही सालों गुजार दिए। आमजन को त्वरित न्याय मिले सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य था। लेकिन सीएम हेल्पलाइन पर बैठे अधिकारियों ने तो सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिये।  तीन साल से शिकायत चल रही न तो निराकरण हुआ और नही लापरवाह अधिकारीयो पर कोई कार्यवाही।  सीएम साहब आपके सूबे के यह अधिकारी आपकी मंशा पर पानी फेर रहे है।  सीएम हेल्पलाइन पर हजारो शिकायते लंबित पड़ी हुई है। लोगो को न्याय नही मिल रहा क्षेत्र की जनता छोटे छोटे कामो के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है। ऐसे अधिकारियों के कारण हो सकता है। आने वाले चुनाव के  समय आपको इसकी कीमत चुकानी पड़े। प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन को मजाक बनाकर रख दिया गया है।
तीन साल पहले की थी शिकायत नहीं हुआ समाधान
जिले की रहटगॉव तहसील अंतर्गत ग्राम कनगॉव के एक गरीब मध्यवर्गीय किसान के खेत मे कुछ  परिवारो ने अतिक्रमण कर रखा है। जिसको लेकर किसान ने कई बार जिले के अधिकारियों तहसीलदार एसडीएम सहित सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत नंबर 9806912 पर भी की लेकिन 3 वर्ष बीतने के बाद भी न तो कोई अधिकारी किसान के खेत मे पहुँचा ओर नही तहसीलदार पटवारी ने अतिक्रमण हटाने में कोई दिलचस्पी दिखाई।
मकड़ाई समाचार से चर्चा में किसान मनीष पाटिल ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि वर्ष 2017 को मेने तहसीलदार रहटगॉव को शिकायत आवेदन दिया था। शिकायत में बताया था कि मेरी खेत मे जाने वाले मार्ग के गोये में गॉव के ही अस्थायी निवासियों  सुंदर, लाला, अमरा बाई, मनीष द्वारा कब्जा कर लिया गया। अब वह धीरे धीरे मेरे खेत की भूमि में प्रधानमंत्री आवास बना रहे उन्हें हटाया जाए। लेकिन जिले के किसी भी अधिकारी ने कोई ध्यान नही दिया। नतीजा यह हुआ कि अब  ग्राम पंचायत उनको वहां पर  स्थायी पक्के मकान बनाकर दे रही है। दिव्यांग मनीष पाटिल ने कहा कि में और मेरा परिवार इसी भूमि खेती बाड़ी कर घर परिवार चला रहे है। प्रशासन के अधिकारियों द्वारा आज तक मेरी शिकायत को गंभीरता से नही लिया गया। मेरे द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर 3 साल से शिकायत चल रही है। लेकिन दुर्भाग्य कहे कि रहटगॉव तहसीलदार, आर आई ,पटवारी 4 किलोमीटर दूर आकर शिकायत का समाधान नही कर पा रहे है।
नहर की भूमि पर दबंग सरपँच ने बनाया पक्का आलीशान मकान , कार्यवाही सिर्फ कागजो तक सिमट कर रह गई।
रहटगॉव तहसील क्षेत्र के ही गॉव धौलपुर कला का एक मामला और है। यहां पर तो स्वयं नहर विभाग की भूमि पर सरपँच ने स्वयं पट्टा जारी करके पक्का आलीशान मकान बना लिया। स्थानीय अखबारों में लगातार खबरे भी प्रकाशित हुई । सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत भी चल रही लेकिन अभी तक उक्त अतिक्रमण को हटाया नही गया। आखिर क्यों। शिकायतों को तहसील में बैठे अधिकारी क्यो नही ध्यान दे रहे है।2 साल से चल रही इस शिकायत की स्थिति भी ऐसी ही कुछ है। यहाँ तो ऐसा लगता है कि अधिकारियों ने स्वयं सरपँच को आगे रहकर कब्जा दिलवाया हो। नहर विभाग ने जब निर्माण कार्य शुरू हुआ था। उस समय भी रोक लगाने आदेश जारी किए थे। ऐसा सूत्रों का कहना है लेकिन आदेश देकर नजराना लेकर वह भूल गए।
जांच के नाम पर फाइलों को क्यो दबाया जाता है।
आखिर ऐसी कौन सी जांच चलती है। कि जब भी जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाओ रटा रटाया एक ही जबाब मिलता है। अभी जांच चल रही है। जांच प्रतिवेदन नही मिला। जांच के नाम पर आमजन को क्यो गुमराह किया जाता है। आखिर कब तक गरीब लाचार लोग अपनी समस्याओं के लिये यू ही दर दर भटकते रहेंगे। दबंग राजनीतिक पकड़ वालो के काम मिनटों में हो जाया करते है। सिर्फ सीधे सादे गरीब लोग ही छोटी छोटी समस्याओं को लेकर सालों अधिकारियों के चक्कर लगाते रहते है।