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साहित्यकार श्याम साकल्ले की कमी दूर नहीं हो पाएगी : कमल पटेल

6 साल के दुहित गौर ने कवि सम्मेलन में खूब बटोरी तालियाँ

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: दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
: तवा कालोनी में हुआ कवि सम्मेलन

मकड़ाई समाचार हरदा। हरदा का इतिहास, लोक संस्कृति जोगा का किला हो मकडाई की जानकारी, नर्मदा के नाभि स्थल की जानकारी हो या हरदा शहर की जानकारी यह सभी जानकारी साहित्यकार स्वर्गीय श्याम साकल्ले को रहती थी। यह बातें प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने तवा कालोनी के दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित कवि सम्मलेन में कही। उन्होंने कहा कि उनके निधन से हरदा को जो नुक्सान हुआ उसकी भरपाई करना मुश्किल है। इस दौरान दो मिनिट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। तवा कालोनी महिला मंडल द्वारा आयोजित कविसम्मेलन में नामी कवियों द्वारा काव्यपाठ किया गया। शुरुआत में मां सरस्वती की वंदना कवियत्री ज्योति जलज द्वारा किया गया। इस दौरान 6 साल के दुहित गौर ने नर्मदाष्टक के साथ ही छोटी छोटी कविताएँ सुनाकर खूब तालियाँ बटोरी। इस दौरान नरसिंहपुर के कवि महेंद्र गिगोलिया ने हास्य रचना सैंया शौचालय बनवाओ लौटा लेके हम ना जेहें सुनाई, जबकि बुधनी के कवि संदीप गुरु ने व्यंग्य रचना बात मेरी मानों रे भाई नशाखोरी छोडो, श्याम शर्मा सागर ने मैं आसमां भी छुलूं तो वो नूर नही आयेगा, हास्यकवि मुकेश शांडिल्य ने काले रंग पर जोरदार हास्य कविताएँ सुनाई और खूब वाहवाही लूटी। होशंगाबाद के सुनील सांवला ने आल्हा विधा में मेरे देश की युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति अपनाये की व्यंग्य रचना पढ़ी। सुनील सांवला, एलजी लोमेश गौर ने भी माँ पर पूत कपूत निकल जाते तब, चुपके चुपके रोती है। शायर जयकृष्ण चांडक ने सब्र रखिए ये दिन भी गुज़र जाएंगे, शिरीष अग्रवाल ने हमने उसकी गलियों से गुजरना छोड़ दिया, गीतकार कपिल दुबे ने जय श्रीराम को जो भी प्राणी मन में अपने समायेगा गीत से समा बाँध दिया। कवियत्री ज्योति जलज ने श्रंगार रस की रचनाएँ सुनकर खूब तालियाँ बंटोरी। आभार वीएस यादव ने व्यक्त किया।