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सामाजिक आयोजन में गदर, जमकर हुआ उपद्रव, कुल्हाड़ी, फरसा, फावड़ा लहराते हुए दो दुकान और एक मकान को तोड़ा

डैनी उतपुरे मकड़ाई समाचार ब्यूरो बैतूल :– बैतूल के रम्भा गांव में रविवार को सामाजिक आयोजन में शामिल लोगों ने जमकर बवाल मचाया। भीड़ ने एक मकान और दो दुकानों को तोड़ दिया। इस पूरे बवाल के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन भीड़ ने इसकी परवाह नहीं की। तोड़फोड़ के पीछे जमीन विवाद की बात सामने आई है। झल्लार पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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एसडीओपी शिवचरण बोहित के मुताबिक, रम्भा गांव में रविवार को एक सामाजिक आयोजन था। आयोजन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद किसी बात को लेकर लोग उग्र हो गए। भीड़ ने लखन आर्य, रमेश पाटिल और राजेश के मकान और दुकान पर पथराव कर तोड़फोड़ कर दी। पथराव में लखन की किराने की दुकान, रमेश का मकान और राजेश दुकान को काफी नुकसान पहुंचा। भीड़ ने शिवराज के मकान को तोड़ने की कोशिश की। अंधेरा होने और फोर्स के पहुंचने से वे ऐसा नहीं कर पाए। जिस समय बलवा हुआ भैंसदेही एसडीएम केसी परते, एसडीओपी शिवचरण बोहित, झल्लार टीआई दीपक परासर, तहसीलदार समेत राजस्व और पुलिस का अमला मौजूद था। मामले में झल्लार पुलिस ने सोमवार को बलवा, तोड़फोड़ की धारा में अज्ञातों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

जमीन को लेकर पड़ोसी ने भीड़ को भड़काया
पीड़ित रमेश के मुताबिक वह 20 साल से यहां रह रहा है। उसकी दुकान को भीड़ ने नुकसान पहुंचाया है। उसका मकान इंदिरा आवास में स्वीकृत हुआ था। उसे सरकार की ओर से यह जमीन मिली है। पड़ोसी कहता है कि वह उस जमीन को छोड़ दे। इसी को लेकर उसकी झूठी शिकायत यहां – वहां कर रहा है। वह तहसीलदार, एसडीएम, सिविल कोर्ट से जब केस हार गया तो लोगों को भड़का दिया। उसी ने भीड़ इकट्‌ठी कर दुकान मकान को तोड़ दिया। गांव में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों लोग मौजूद थे। इसकी सूचना भी प्रशासन को थी। खास बात यह है कि भीड़ में कई लोग कुल्हाड़ी, फरसा, फावड़ा लेकर पहुंचे थे। तोड़फोड़ में दरवाजे, खिड़कियों को नुकसान हुआ है।