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इंदौर में ट्रेंड की अनोखी मिसाल, पद्मावती घोड़ी पर निकला दुल्‍हन का बाना

इंदौर। इंदौर की पद्मावती घोड़ी शादी ब्याह के लिए देश भर में फेमस है, दूल्हे इस घोड़ी पर चढ़ने के लिए डेढ़ दो साल पहले ही बुकिंग कर लेते हैं। लेकिन इस घोड़ी का क्रेज अब सिर्फ दूल्हों तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि दुल्हनें भी इस घोड़ी की डिमांड करने लगी हैं। ऐसा ही कुछ शहर में देखने को मिला, जहां एक दुल्हन ने अपनी शादी से दो दिन पहले पद्मावती घोड़ी पर बैठकर अपना बाना निकाला। बड़ी बात यह है कि इसी घोड़ी पर रतलाम में उसका दूल्हा बैठकर अपनी बारात लेकर आएगा।

9 जनवरी को निकला दुल्‍हन का बाना
घोड़ी पर नाचते झूमते हुए जा रही इस दुल्हन का नाम निकिता है। वडोदरा की एक आईटी कंपनी की एचआर मैनेजर निकिता की शादी रतलाम में तय हुई है। 11 जनवरी को उसकी रतलाम में शादी होना है, लेकिन उसके पहले 9 जनवरी को उनका बाना निकाला गया, जिसमें वह उस घोड़ी पर बैठकर निकली जिसकी देश भर के दूल्हों में बड़ी डिमांड है। घोड़ी पर बैठकर निकिता बहुत उत्साहित और खुश नजर आ रही है। निकिता को इस बात की और ज्यादा खुशी है कि उसका पति उसके बाद इस घोड़ी पर बैठेगा।

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दुल्‍हन के पिता ने कहा महिलाओं को भी है घोड़ी चढ़ने का हक
निकिता के पिता संजय राठौर पेशे से शिक्षक हैं। उनका मानना है कि जब हम महिलाओं के लिए भी बराबरी की बात करते हैं तो उन्हें भी इस तरह से अपना प्रोसेशन निकालने का हक है। जब महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकती हैं तो वो घोड़ी क्यों नहीं चढ़ सकती। वहीं निकिता के छोटे भाई शोभित का कहना है कि दीदी और हम बैठकर बात कर रहे थे कि शादी में कुछ अलग करना है तो हमने प्लान किया कि रतलाम जाने से पहले इंदौर में उनका बाना निकाला जाए तो इसके लिए पद्मावती घोड़ी को बुक करने का प्लान किया।

वहीं पद्मावती घोड़ी के मालिक सचिन राठौर का कहना है कि वैसे तो पद्मावती की डेढ़ से दो साल पहले ही बुकिंग हो जाती है। लेकिन इनकी बुकिंग अचानक से आई और उस दिन पद्मावती फ्री भी थी तो हमने भी दुल्हन के लिए हां कर दी। इसके बाद पद्मावती रतलाम जाएगी, जहां दूल्हा भी इस घोड़ी पर बैठकर निकिता को लेने आएगा। अब शादी के समय घोड़ी पर बैठने का ट्रेंड भी बदल रहा है, अब दूल्हे ही नहीं बल्कि दुल्हन भी घोड़ी पर बैठकर बाना निकाल रही हैं। हमारे देश को पुरुष प्रधान देश माना जाता है, लेकिन समय के साथ यह धारणा बदलती जा रही है। अब महिलाओं को भी बराबरी का दर्जा मिलने लगा है। ऐसे में दुल्हनें भी अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए ऐसा कुछ कर रही हैं, जो उन्हें शादी की यादें तरोताजा रख सके।