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रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस जंगल में क्रैश, पायलट समेत सात की मौत

चतरा। झारखंड के चतरा जिले में सोमवार रात रांची से नई दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस जंगली क्षेत्र में क्रैश हो गई। इस हादसे से विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पायलट, को-पायलट, एक मरीज और मेडिकल स्टाफ के सदस्य शामिल हैं। यह विमान रात करीब 10 बजे दिल्ली पहुंचने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह क्रैश हो गया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नागरिक उड्डयन नियामक डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक मेडिकल इवैक्युएशन यानी एयर एम्बुलेंस फ्लाइट थी, जिसे दिल्ली की निजी कंपनी रेडबर्ड एयरवेज संचालित कर रही थी। डीजीसीए के मुताबिक बीचक्राफ्ट सी90 श्रेणी का यह विमान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची से रवाना हुआ था। यह फ्लाइट रांची से नई दिल्ली जा रही थी और अनुमानित लैंडिंग समय रात 10 बजे थी।

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रिपोर्ट के मुताबिक उड़ान के कुछ समय बाद विमान ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क स्थापित किया, लेकिन शाम 7:34 बजे के करीब वाराणसी से करीब 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में विमान का संपर्क और रडार सिग्नल टूट गया। इसके बाद विमान से किसी भी तरह का कोई संपर्क नहीं हो सका। बाद में यह विमान झारखंड के चतरा जिले के करमाटांड़ गांव के पास जंगल में दुर्घटनाग्रस्त पाया गया। स्थानीय लोगों ने तेज धमाके जैसी आवाज सुनने और धुएं का गुबार उठते देखा, जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंची। हालांकि, घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाके के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
इस हादसे की सूचना रात करीब 10 बजे मिली। इसके कुछ ही देर बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक मरीज, एक डॉक्टर, एक पैरामेडिक, दो अटेंडेंट, एक पायलट और एक को-पायलट शामिल थे। चतरा पुलिस अधीक्षक ने बता किया यह इलाका बेहद दुर्गम है, इसलिए मौके तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहा। दिल्ली से जांच टीम आएगी और ब्लैक बॉक्स को बरामद करने की कोशिश की जाएगी। इस हादसे में कुल सात लोगों की मौत हुई है।

हादसे के बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की एक टीम भी दुर्घटनास्थल पर पहुंची। डीजीसीए ने कहा कि दुर्घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की जांच की जा रही है। ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद है। विमान का संपर्क टूटने के बाद रडार डेटा और उसकी अंतिम ज्ञात लोकेशन के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। जिला प्रशासन की सर्च-एंड-रेस्क्यू टीम के साथ पुलिस और वन विभाग की टीमें भी अभियान में शामिल रहीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रहे ऐसे हादसे एविएशन सेफ्टी सिस्टम, मेंटेनेंस प्रक्रियाओं और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। फिलहाल, रांची-दिल्ली एयर एम्बुलेंस हादसे के पीछे की वजहों को लेकर कई सवाल बने हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।