jhankar
ब्रेकिंग
Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 21 फरवरी 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे एसडीएम विजय राय के निर्देशों का उल्लंघन, : डीजे संचालकों पर पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई खुलेआम चल रहे... हरदा : करूणानिधान नवदुर्गा बजरंग मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह सम्पन्न, भोपाल में 24 को कांग्रेस का किसान सम्मेलन, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे होंगे शामिल कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान हादसा: मंत्री विजयवर्गीय के खिलाफ पुतला दहन में भड़की आग, ट्रैफिक टीआई झु... AI समिट में कांग्रेस के विरोध पर सियासी घमासान, BJP का आरोप– राहुल के घर में बनी रणनीति इंदौर : अब मोटापे का मुफ्त इलाज, महाराजा यशवंतराव अस्पताल में नि:शुल्क सर्जरी ग्वालियर में अवैध स्पिरिट का जखीरा पकड़ा, सैंपल जांच में खुलासा चांदी में 2,481 की तेजी, सोने में भी 559 रुपए ‎की बढ़त गिरावट से उबरा शेयर बाजार, आईटी कंपनियों में गिरावट

हरदा : आयकर अधिनियम 2025 के तहत जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

हरदा : आयकर कार्यालय हरदा द्वारा, नए आयकर अधिनियम 2025 जो कि 01 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा, पर शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन डिग्री कॉलेज, हरदा(म.प्र.) के प्रागंण में किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य आयकर आयुक्त, भोपाल श्री अनुज अरोरा, के निर्देशन में और अपर आयकर आयुक्त रेंज-1 भोपाल श्री शशिकांत कुशवाहा के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आयकर अधिकारी बैतूल श्री देवेन्द्र गर्ग ने बताया गया कि आयकर अधिनियम एक गतिशील कानून है जिसे देश की बदलती आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक वास्तविकताओं को दर्शाने के लिए नियमित रूप से अद्यतन और संशोधन की आवश्यकता होती है। आयकर अधिनियम को आर्थिक परिवर्तन, राजकोषीय नीतियों और सरकारी प्राथमिकताओं को दर्शाने के लिए नियमित रूप से वार्षिक आधार पर अध्ययन किया जाता है

इसलिए यह अर्थव्यवस्था, व्यावसायिक वातावरण, मुद्रा स्थिति दरों, आय स्रोतों और वैश्विक वित्तीय रुझानों में होने वाले बदलावों के अनुकूल होता है। वर्तमान आयकर अधिनियम को 1961 में अधिनियमित किया गया था।

श्री गर्ग ने बताया कि कराधान नीति में संशोधन की उभरती आवश्यकताओं के आधार पर वित्त अधिनियमों के माध्यम से वर्ष दर वर्ष जुलाई 2024 में बजट भाषण में माननीया वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर अधिनियम 1961 की व्यापक समीक्षा का उद्देश्य अधिनियम को संक्षिप्त, सुस्पष्ट,पढ़ने और समझने में सरल बनाना है।

- Install Android App -

इसी लक्ष्य को ध्यान में रख कर आयकर अधिनियम 1961 में व्यापक बदलाव के लिए प्रयास हुए। कुछ मुद्दे जो वर्तमान आयकर अधिनियम 1961 में कई जगह बिखरे हुए थे उन्हें एक जगह रखकर ज्यादा सरल और स्पष्टता प्रदान करने की सफल कोशिश की गई है। अधिकांश बदलाव करदाता की सहुलियत के लिए किए गए हैं।

पूर्व वर्ष जिसकी आय का निर्धारण अगले वर्ष, जिसे निर्धारण वर्ष कहा जाता है इन दो परिभाषाओं की जगह एक ही परिभाषा ‘कर वर्ष’ रखा गया है। तालिकाओं और सूत्रों के माध्यम से ज्यादा पठनीय और निश्चित बनाने की कोशिश हुई है। विभिन्न कर अपराधों के लिए सजा को कम किया गया है सश्रम कारावास की जगह सामान्य कारावास की व्यवस्था दी गई है। कई अपराधों के लिए केवल फाइन रखा गया है।

श्री गर्ग ने बताया कि नया आयकर अधिनियम, वर्तमान आयकर अधिनियम 1961 से लगभग आधा है, सरल है, सहज है। लैटिन के शब्दों की जगह सामान्य अंग्रेजी के शब्दों के इस्तेमाल से नया कानून आम करदाता की समझ और अनुपालन बढ़ाएगा। इस सबके परिणामस्वरूप कराधार बढ़ेगा। इसमें करदाताओं द्वारा लंबे समय से दी जाने वाली कई सलाह को समाहित करने का प्रयास किया गया है जिससे करदाता स्वेच्छा से कर अनुपालन कर देश उन्नति में सहयोग दे सके।

कार्यक्रम के दौरान वित्तीय बिल 2026 में प्रस्तावित बदलावों की भी विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में आयकर अधिकारी, हरदा श्री मनोज सोनवंशी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर सलाहकार, आम करदाता जैसे व्यापारी आदि और वाणिज्य विषय के छात्र-छात्राओं के साथ डिग्री कॉलेज के प्राध्यपकों ने भी इसमें भागीदारी सुनिश्चित की।