भोपाल: बड़े पैमाने पर तालाबों के संरक्षण के लिए प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, वीआईपी रोड पर रसूखदारों के निर्माण पर ‘पीले निशान’
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल। राजधानी के ऐतिहासिक और जीवनदायिनी तालाबों को खंड मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त रुख और हाल ही में हुई उच्च संवैधानिक बैठकों के बाद, राजस्व विभाग की टीम ने रविवार को वीआईपी रोड पर सीमांकन (सीमांकन) की प्रक्रिया को अंजाम दिया। इस दौरान प्रशासन ने सख्त संदेश दिए गए न केवल निजी स्वामित्व वाले बल्कि रसूखदारों और सरकारी भवन पर भी ‘पीले निशान’ लगा दिए, ताकि उन्हें सामान में शामिल किया जा सके।
निजी सरकारी मकान पर भी कार्रवाई
सीमांकन के दौरान प्रशासन का ‘पीला पंजा’ सांकेतिक रूप से उन स्थानों पर भी पहुंच जाता है, जिसमें अमूमन की कल्पना की जाती है। वीआइपी रोड पर स्थित मंत्री शिवाजी पटेल के निवास वाले आवास के कुछ हिस्सों और नगर निगम ने 50 मीटर की प्रतिबंधित सीमा के भीतर पाया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तालाब के संरक्षण के नियम सभी पर समान रूप से लागू होंगे।वीआईपी रोड पर साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैदानी कार्रवाई में नगर निगम अमला , पटवारी और नगर निगम की संयुक्त टीम ने एक से अधिक प्रमुख रूप से शामिल थे।
निजी सरकारी संपत्ति पर लगाया पीला निशान
केके हाउस, सुपर बिल्डर (शोएब दस्तगीर) का मकान, डॉ. राजीव सिंह और मोहम्मद अफजल खान जैसे रसूख का निर्माण। एक धार्मिक स्थल की दीवार और गेट नगर निगम द्वारा निर्मित सेलीन प्वाइंट।काले खां, रशीद और मुनीर की इमारतों पर भी निशान लगाए गए हैं।
कलेक्टर का स्पष्ट निर्देश: शहरी क्षेत्र में 50 मीटर का अंतर साफ होगा
भोपाल के कलेक्टर कौशलचंद्र विक्रम सिंह ने साफ कर दिया है कि यह केवल बैरागढ़ वृत्तांत तक सीमित नहीं रहेगा। अगले दिनों हुजूर, टीटीनगर और शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह का सीमांकन किया जाएगा।
विश्वसनीयता का पैमाना
तालाब के किनारे से 50 मीटर के हिस्से में आने वाले सभी निर्माण शामिल होंगे। कैचमेंट क्षेत्र में 250 मीटर की सीमा तक कोई भी अवैध निर्माण नहीं किया जाएगा।
10 साल बाद जग प्रशासन, अब नोटिस की तैयारी
रहस्य है कि पिछले 10 वर्षों में बड़े तालाबों का चार बार सर्वेक्षण किया गया, लेकिन सीमांकन का काम कभी पूरा नहीं हो सका। भदभदा क्षेत्र में हुई पिछली बड़ी कार्रवाई के बाद अब वीआईपी रोड पर हुई इस हलचल ने हथियारों में भारी तबाही मचा दी है।
बेचे गए सभी निर्माण स्वामियों को जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे, जिसमें उन्हें अपने वैध दस्तावेज पेश करने का मौका दिया जाएगा। अंतिम उत्तर में बैठक की स्थिति में इन निर्माणों को शुरू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

