विकास की बातों के बीच दो मुद्दों पर अटकी शहर की नजर
मकड़ाई एक्सप्रेस 24, हरदा । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को हरदा दौरे पर पहुंचे। जिला अस्पताल, वृद्धाश्रम निरीक्षण और उद्यमी, किसान संवाद सहित कई कार्यक्रमों में उन्होंने विकास और जनकल्याण की बातें कही। लेकिन उनके जाने के बाद दो बातें पूरे शहर में चर्चा का केंद्र बन गईं।
पत्रकारों से नहीं की बात, प्रेस में नाराजगी
पहला मुद्दा मुख्यमंत्री की पत्रकारों से दूरी को लेकर रहा। दौरे के दौरान सीएम ने मीडिया से कोई औपचारिक चर्चा नहीं की। इसे लेकर स्थानीय पत्रकारों ने इसे आत्मसम्मान पर चोट बताया। पत्रकारों का कहना है कि चौथे स्तंभ से दूरी बनाना प्रशासन की संवादहीनता को दर्शाता है।
हेलीपैड पर 2 घंटे इंतजार करते रहे कांग्रेस नेता
दूसरा मुद्दा कांग्रेस विधायक डॉ. आर.के. दोगने से जुड़ा रहा। जिले की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने के लिए विधायक दोगने, जिला अध्यक्ष मोहन साईं और अन्य पदाधिकारी दोपहर 3 बजे हेलीपैड पहुंच गए थे। करीब 2 घंटे इंतजार के बाद शाम 5:09 बजे लौटते समय मुख्यमंत्री ने चलते-चलते औपचारिक रूप से ज्ञापन लिया। यह घटना भी शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
ज्ञापन में रखी 7 प्रमुख मांगें
कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में 7 मांगें शामिल थीं –
1. डीएपी और यूरिया की किल्लत खत्म करना।
2. ई-टोकन व्यवस्था बंद करना।
3. एनपीके खाद की बढ़ी हुई कीमत वापस लेना।
4. जिले में 42% कम बारिश के चलते हरदा को सूखाग्रस्त घोषित करना और रबी सीजन के लिए सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करना।
5. शहर के बाहर डंपिंग प्लांट और 35 वार्डों में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था।
6. स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों की समस्या का समाधान।
7. वन भूमि के पट्टे वितरित करना।
जिला अध्यक्ष मोहन साईं ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

