jhankar
ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में बारिश से बाढ़ के हालात, महादेव घाट से गंगरेल डैम तक पानी ही पानी हरदा–आशापुर मार्ग की बदहाली के खिलाफ विधायक डॉ. दोगने की पैदल यात्रा हरदा: प्रताड़ना से परेशान स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी ने सल्फास खाया, इलाज के दौरान मौत, चार लोगो पर लग... अलीगढ़ में युवक से बर्बरता का आरोप, पेड़ से बांधकर पीटा और आधा सिर मुंडवाया महिला से संबंध के शक में... हंडिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: वेयरहाउस से चोरी हुए 6 कट्टी चना बरामद, 3 आरोपी गिरफ्तार हरदा से बड़ी खबर : रहटगांव में दो घटनाओं से सनसनी: अजनाल नदी किनारे मिला कंकाल, बड़झिरी-बोबदा के बीच... आज 27 सितंबर रविवार को देश का मौसम - उत्तर भारत में झमाझम बारिश का अलर्ट आज 27 सितंबर, रविवार सुबह की देश-दुनिया की 10 बड़ी खबरें एक नजर में मकडाई एक्सप्रेस 24 के साथ विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने में प्रतिभा की अहम भूमिका- केंद्रीय राज्य मंत्री उइके खुशियों की दास्तां : पीएम स्वनिधि योजना बनी सहारा, चने-फुटाने का ठेला लगाने वाले फूलचंद कहार की बदली...

AI से बना कंटेंट डालना पड़ेगा भारी! सोशल मीडिया के लिए नए IT नियमों की तैयारी

इंदौर। इंटरनेट मीडिया पर एआई टूल्स के जरिए फोटो, वीडियो और टेक्स्ट बनाकर पोस्ट करना अब पहले जितना आसान नहीं रहेगा। केंद्र सरकार 20 फरवरी से नए आईटी नियम लागू करने जा रही है, जिनका मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बढ़ाना और डीपफेक तथा फर्जी सामग्री पर रोक लगाना है।

AI कंटेंट की जानकारी देना होगी अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किया गया है या उसमें किसी व्यक्ति की शक्ल, आवाज या घटना को बदला गया है, तो पोस्ट करते समय इसकी स्पष्ट जानकारी देना जरूरी होगा। इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट और दिखाई देने वाला लेबल भी लगाएंगे, ताकि दर्शकों को तुरंत पता चल सके कि सामग्री वास्तविक नहीं है।

- Install Android App -

सामान्य एडिटिंग पर नहीं लागू होगा नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य संपादन कार्य इन नियमों के दायरे में नहीं आएंगे। जैसे- फिल्टर लगाना, रंग सुधारना, अनुवाद करना, शोर हटाना या प्रस्तुति तैयार करना ‘सिंथेटिक कंटेंट’ नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में अलग से घोषणा करना आवश्यक नहीं होगा।

AI उपयोग की सीमा तय
आम यूजर, कंटेंट क्रिएटर और छोटे कारोबारी एआई का इस्तेमाल डिजाइन, लेखन, पोस्टर निर्माण, अनुवाद या सामान्य एडिटिंग जैसे कार्यों में कर सकेंगे। लेकिन किसी की फोटो या आवाज बदलकर फर्जी वीडियो बनाना, पहचान का दुरुपयोग करना, फेक न्यूज या नकली दस्तावेज तैयार करना और बिना अनुमति निजी या आपत्तिजनक सामग्री बनाना सीधे अपराध माना जाएगा।

डीपफेक पर कड़ी नजर
सरकार का मानना है कि AI के दुरुपयोग से गलत सूचना तेजी से फैल रही है। इसलिए नए नियमों के जरिए लोगों को वास्तविक और कृत्रिम सामग्री में अंतर समझाने तथा डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है।