मकड़ाई एक्सप्रेस 24 दमोह।अचानक ही शहर के पालिटेक्निक कालेज के पास किशन तलैया से लगतार गालियां चलने की आवाजें आने लगी। गोलियों की गूंज से दहशतजदा लोग डर कर घर से बाहर आ गए। घबराए लोग एक दूसरे से पूछ रहे कि आखिर ये क्या रहा है। कोई कह रहा था कि पुलिस फायरिंग कर रही है। अब इस दशहत के माहौल हर एक के दिमाग में यही सवाल उठ रहा था कि आखिर पुलिस किस पर फायरिंग कर रही है। अब धीरे धीरे लोग उस स्थान तक पहुंच ही गए जहां से गोलियों की दनादन चलने की आवाजें आ रही थी।
गोलियां चलने के कारण पता चलने से मिली राहत
लोगो ने जब वहां पर जाकर देखा तो उन्हे राहत मिली यह कोई मुठभेड़ वाली फायरिंग नही थी हां मगर अभ्यास उसी का हो रहा था। जिला पुलिस बल के कर्मचारियों को फायरिंग का अभ्यास एक सप्ताह के लिए कराया जा रहा है।इसे चांदमारी कहा जाता है और हर साल एक सप्ताह के लिए पुलिस के जवानों से यह अभ्यास कराया जाता है। जवानों को लक्ष्य दिया जाता है कि उनका हाथ व तरीका बदला तो नहीं। यह अभ्यास हर प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में निपटने में मदद करता है।पुलिस बल की शारीरिक अभ्यास के साथ गोली चालन आदि की प्रक्रियाओं का अभ्यास भी जरुरी होता है।शहरी व कस्बाई क्षेत्रों में गोली चलाने की आवश्यकता कम होती है वह सिर्फ परिस्थतियां बिगड़ने के दौरान पुलिस को गोलियां चलानी पड़ती है और ऐसा बहुत कम होता हैं इसलिए अभ्यास बहुत आवश्यक है।

