लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की आठवीं ध्वज यात्रा 13 सितंबर को होगी रवाना, नर्मदा जल की झारी लेकर पहुंचेंगे श्रद्धालु
हंडिया। मां नर्मदा की पावन धरती हंडिया से अब आस्था की एक ऐसी यात्रा निकलने जा रही है, जिसका इंतजार श्रद्धालुओं को लंबे समय से है। लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की आठवीं ध्वज यात्रा 13 सितंबर 2026 को हंडिया स्थित वीर तेजाजी मंदिर से राजस्थान के खरनाल के लिए रवाना होगी।
ध्वजा, जयघोष और श्रद्धा के साथ निकलने वाली यह यात्रा सिर्फ एक सफर नहीं, बल्कि हंडिया की मां नर्मदा से खरनाल में विराजमान लोक देवता वीर तेजाजी महाराज तक आस्था को पहुंचाने का संकल्प होगी।
यात्रा के शुभारंभ से पहले वीर तेजाजी मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ मां नर्मदा का पूजन किया जाएगा। श्रद्धालु मां नर्मदा का पवित्र जल अपने साथ झारी के रूप में लेकर खरनाल पहुंचेंगे और उसी नर्मदा जल से वीर तेजाजी महाराज का अभिषेक करेंगे।
चार दिन… चार पड़ाव… और मंजिल खरनाल
13 सितंबर को हंडिया से रवाना होने के बाद यात्रा का पहला पड़ाव उज्जैन रहेगा।
14 सितंबर — निंबाहेड़ा
15 सितंबर — आकेली ए, मेड़ता
और 16 सितंबर — खरनाल, जहां यात्रा धार्मिक आयोजन और वीर तेजाजी महाराज के अभिषेक के साथ संपन्न होगी।
यात्रा प्रभारी ने की श्रद्धालुओं से विशेष अपील,,,
यात्रा प्रभारी रामदीन सेव्ल्या ने यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने साथ हेलमेट और आवश्यक वाहन दस्तावेज अनिवार्य रूप से रखें। यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित एवं अनुशासित तरीके से यात्रा करने का आग्रह किया गया है।
हंडिया की नर्मदा से खरनाल के तेजाजी तक…
मां नर्मदा के जल से भरी झारी, हाथों में आस्था की ध्वजा और जुबां पर “वीर तेजाजी महाराज की जय”—इसी भाव के साथ श्रद्धालु हंडिया से खरनाल की ओर बढ़ेंगे।
लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की आठवीं ध्वज यात्रा हंडिया की धार्मिक परंपरा और श्रद्धा का एक ऐसा अध्याय बनने जा रही है, जिसमें मां नर्मदा का पावन जल और तेजाजी महाराज के प्रति अटूट आस्था एक साथ दिखाई देगी।

