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पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने सरकारी बंगला कर दिया खाली

नई दिल्ली। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के आधिकारिक आवास 5, कृष्ण मेनन मार्ग को खाली कर दिया है। वह 8 नवंबर, 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे और 265 दिनों बाद यह सरकारी बंगला उन्होंने आधिाकरिक तौर पर छोड़ दिया है।

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हाल के सप्ताहों में उनके निर्धारित अवधि से अधिक समय तक सरकारी आवास में रहने को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ था। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर यह मुद्दा उठाया था, जिसके बाद मामले ने सार्वजनिक रूप से तूल पकड़ लिया। पूर्व सीजेआई ने 7 जुलाई को एक बातचीत में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि घर का सामान पहले ही बांधा जा चुका है, और वे अपनी पत्नी कल्पना और दिव्यांग बेटियों प्रियंका और माही के साथ शीघ्र ही किराये पर सरकारी आवास में स्थानांतरित हो रहे हैं। उन्होंने कहा था कि उनकी बेटियों को ‘व्हीलचेयर-अनुकूल’ आवास की आवश्यकता है, जिस कारण इस प्रक्रिया में समय लगा।

पूर्व सीजेआई ने यह भी बताया कि सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद उन्होंने अपने उत्तराधिकारी जस्टिस संजीव खन्ना से संपर्क किया था और उन्हें बताया था कि वह अपने पुराने आवास 14, तुगलक रोड लौटना चाहते हैं। लेकिन जस्टिस खन्ना ने सीजेआई के आधिकारिक आवास में ही बने रहने की सलाह दी, क्योंकि वे स्वयं उस आवास में नहीं रहना चाहते थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने 1 जुलाई को केंद्र को पत्र लिखकर कहा था कि पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ अनुमति प्राप्त अवधि से अधिक समय तक सीजेआई बंगले में रह रहे हैं, और संपत्ति को जल्द खाली कराने की मांग की थी। जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस पूरे विवाद पर दुख जताते हुए कहा कि उनकी मंशा किसी नियम का उल्लंघन करने की नहीं थी, बल्कि वह केवल अपनी बेटियों की विशेष जरूरतों को देखते हुए उचित इंतजाम करना चाहते थे। फिलहाल, उन्होंने नया किराए का सरकारी आवास ले लिया है और वहां शिफ्ट हो गए हैं।