हंडिया।पिछले कई दिनों से स्मार्ट मीटर और बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर चर्चा में रहे हंडिया विद्युत उपकेंद्र विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। विद्युत वितरण कंपनी की शिकायत पर थाना हंडिया पुलिस ने अनुशासन तिवारी एवं अन्य के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, ग्रामीण हरदा उत्तर के उप प्रबंधक द्वारा थाना हंडिया में शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 5 जून 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे अनुशासन तिवारी अपने समर्थकों के साथ 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र हंडिया पहुंचे और बिना अनुमति उपकेंद्र परिसर में प्रवेश कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शिकायत के अनुसार प्रदर्शन के दौरान 11 केवी हंडिया फीडर की विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई, जिससे विद्युत वितरण कार्य प्रभावित हुआ। कंपनी अधिकारियों का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उपकेंद्र परिसर में टेंट लगाकर लगभग एक घंटे तक प्रदर्शन किया तथा कर्मचारियों को धमकाते हुए शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की।
जांच के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कथन लिए गए। पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने पर अनुशासन तिवारी एवं अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
विद्युत कंपनी का कहना है कि उपकेंद्र में अनधिकृत प्रवेश और विद्युत आपूर्ति बाधित होने से विभाग को आर्थिक नुकसान हुआ, वहीं उपकेंद्र परिसर में लोगों की उपस्थिति के कारण विद्युत दुर्घटना की आशंका भी बनी रही।
पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान एकत्रित साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हंडिया क्षेत्र में स्मार्ट मीटर, बढ़े हुए बिजली बिल और लगातार विद्युत कटौती को लेकर पिछले कुछ समय से जनआक्रोश देखने को मिल रहा था। इसी विवाद के बीच दर्ज हुई यह एफआईआर अब पूरे मामले को नया कानूनी मोड़ दे रही है।

