सीहोर : गर्ल्स स्कूल हरदा के 1993 के बैच की इन 21 लड़कियों ने 30 साल बाद सीहोर में मिलकर एक रात साथ गुज़ारकर सिर्फ़ रीयूनियन नहीं रिवोल्यूशन की इबारत लिखी है। ये लड़कियाँ आज हरदा के लिए ट्रेंड सेटर है…इनमें से कुछ आज आत्मनिर्भरता के शिखर पर हैं जिनके लिए सीहोर आना, पहुँचना कोई बड़ी बात नहीं थी उन्होंने सोचा और वो आ गई…
लेकिन हमारी इस रीयूनियन को मैं सफल इसलिए मानती हूँ क्योंकि यहाँ वो आईं जो घर परिवार की पारंपरिक ज़िम्मेदारियों से बंधी थी, जिनके लिए एक दिन भी घर छोड़ना, उसके बारे में सोचना थोड़ा मुश्किल था… वो जिनके आत्मविश्वास पर दूसरों का तो पहरा रहा,पहरा है, और तो और खुद का भी पहरा था..वो जो ख़ुद को भूल गईं थी..वो जिन्होंने अपनी तीस साल पुरानी दोस्ती को दिल के कोने में दबा दिया था..
उन्होंने हाँ उन्होंने साहस के साथ पहली बार खुद को आगे रखा…खुद में भरोसा दिखाया.. खुद को समेटा और सहेलियों से मिलने अपने बचपन से मिलने कुछ कहने कुछ सुनने वो एक-एक कर इस डगर पर आगे आईं और उन्हें पता नहीं चला कि वो रीयूनियन में रिवोल्यूशन लिख गई, फिर मिलेंगे के वादे के साथ। 🌹❤️🌹
लव यू दोस्ती
#HardaGirlsReunion2024
#30YearsOfFriendship
: – ऋचा साकल्ले की कलम से
– सीनियर प्रोड्यूसर, टीवी जर्नलिस्ट, इंडिया टुडे ग्रुप

