हंडिया : आखिर कब तक सड़कों पर दम तोड़ता रहेगा गोवंश? हिरापुर के पास अज्ञात वाहन ने कैड़े को कुचला, मौके पर मौत
— गौसेवक अभिषेक लोधी ने सड़क किनारे करवाया, व्यवस्था पर उठे सवाल,,,,
हंडिया।नेशनल हाईवे पर हिरापुर के पास रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक कैड़े की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कैड़े का शव काफी देर तक सड़क पर पड़ा रहा, जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की जानकारी मिलते ही गौसेवक अभिषेक लोधी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को देखते हुए मृत कैड़े को सड़क के बीच से हटवाकर सड़क किनारे करवाया, ताकि आवागमन सुचारु रहे और शव के कारण कोई दूसरा हादसा न हो।
नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क पर घूमने वाला गोवंश न केवल स्वयं हादसे का शिकार हो रहा है, बल्कि वाहन चालकों के लिए भी गंभीर खतरा बन रहा है। अचानक सड़क पर आने वाले पशुओं को बचाने के प्रयास में कई बार वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति भी बन सकती है।
हिरापुर के पास हुई यह घटना भी इसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर रही है। सवाल यह है कि आखिर कब तक गोवंश सड़क हादसों में अपनी जान गंवाता रहेगा?
हर बार दुर्घटना के बाद पशु को सड़क से हटाना जरूरी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान इससे नहीं होगा। हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में गोवंश को सड़क पर आने से रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था, सुरक्षित स्थान और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की जरूरत है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ऐसे स्थानों को चिन्हित करना चाहिए, जहां सड़क पर गोवंश के आने की संभावना अधिक रहती है।
एक कैड़ा सड़क पर मर गया, लेकिन पीछे छोड़ गया बड़ा सवाल—क्या अगली दुर्घटना का इंतजार किया जाएगा या समय रहते कोई ठोस कदम उठाया जाएगा?
हिरापुर की यह घटना एक बार फिर जिम्मेदार विभागों के सामने सवाल खड़ा कर रही है—आखिर कब तक सड़कें गोवंश की मौत की गवाह बनती रहेंगी?

