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भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश

नई दिल्ली। भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के अनुसार भारत अब 125 गीगावाट (जीडब्ल्यू) स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश बन गया है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने जापान (96 जीडब्ल्यू) को पीछे छोड़ दिया है। अगस्त 2025 के अंत तक भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित क्षमता 192 जीडब्ल्यू तक पहुंच गई है। इसमें सौर, पवन, बायोमास और जलविद्युत परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक यह क्षमता 500 जीडब्ल्यू तक पहुंच जाए। 2025 में भारत ने केवल अप्रैल से सितंबर के बीच 25 जीडब्ल्यू रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है। इसमें 21.7 जीडब्ल्यू सौर ऊर्जा और 3.09 जीडब्ल्यू पवन ऊर्जा शामिल है। जुलाई 2025 तक देश की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 119.02 जीडब्ल्यू थी, जिसमें से 90.99 जीडब्ल्यू जमीन आधारित सौर संयंत्रों और 19.88 जीडब्ल्यू रूफटॉप सिस्टम से आई है। वहीं तापीय ऊर्जा की हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई है। अब देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता 485 जीडब्ल्यू है, जिसमें तापीय (कोयला व गैस) बिजली सिर्फ 49.9 फीसदी रह गई है। 2015 में यह आंकड़ा 70 फीसदी था। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है जो भारत के हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम को दर्शाता है। इंटरनेशनल थिंक टैंक एम्बर के अनुसार इस वर्ष की पहली छमाही में भारत में सौर ऊर्जा उत्पादन में 17 टेरावाट-घंटे की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 फीसदी अधिक है। यह परिवर्तन भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है।