सऊदी अरब के सबसे पवित्र शहर मक्का के पास ड्रोन हमले की कोशिश ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होनी चाहिए।
क्या हुआ मक्का के पास…?
सऊदी रॉयल एयर डिफेंस फोर्स के मुताबिक मंगलवार 15 सितंबर 2026 की शाम करीब 6:50 बजे मक्का शहर के दक्षिण में एक ड्रोन को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। सऊदी अधिकारियों का दावा है कि ड्रोन मक्का अल-मुकर्रमा के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने वाला था, उससे पहले ही मार गिराया गया। ड्रोन का मलबा खाली जगह पर गिरा, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
सऊदी गठबंधन ने आरोप लगाया है कि ये ड्रोन यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भेजा था। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इसे ‘दुश्मनी भरा और आतंकवादी कृत्य’ बताया और कहा कि दो पवित्र मस्जिदों और जायरीनों की सुरक्षा उनकी ‘रेड लाइन’ है। गठबंधन हूतियों के खिलाफ जरूरी और निवारक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
सऊदी के मुताबिक ये मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश है। इससे पहले 27 जुलाई 2017 को भी मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी.
दूसरी तरफ हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-फराह ने मक्का पर हमले से साफ इनकार किया है और आरोपों को झूठ बताया है।
भारत ने क्या कहा….?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को बयान जारी कर कहा:
> “मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर हमें गहरी चिंता है। भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों और नागरिकों के जीवन तथा बुनियादी ढांचे को खतरे में डालने वाली हर कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। मक्का के पास हुई यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का अत्यंत पवित्र महत्व है।”
जायसवाल ने आगे कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आजादी के लिए भी खतरा पैदा करते हैं, जो भारत को मंजूर नहीं है। भारत ने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी।
क्षेत्र में तनाव क्यों बढ़ा….?
इस हमले से ठीक पहले सऊदी सिविल डिफेंस ने जेद्दा, ताइफ, आभा, जाजान, अल-उला और यान्बू समेत 6 शहरों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया था। ये पहला मौका है जब मक्का जैसे पवित्र शहर में इस तरह का अलर्ट जारी हुआ है।
पिछले एक हफ्ते में हूती विद्रोहियों के हमलों में खमीस मुशैत, आभा और ताइफ में 13 नागरिक घायल हुए हैं और 7 रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंचा है।
अन्य देशों की प्रतिक्रिया
– पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी निंदा की और कहा पाकिस्तान और सऊदी अरब कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
– 57 मुस्लिम देशों के संगठन OIC ने कहा कि पवित्र स्थलों की पवित्रता का उल्लंघन हुआ है।
(खबर का स्रोत इंटरनेट मीडिया)

