jhankar
ब्रेकिंग
किसान ने पुलिस कर्मी पर लगाए थे मारपीट के आरोप, छीपाबड़ टी आई ने आरोपों को निराधार बताया। बोले पुलिस... प्रीमियम शराब और बीयर पर पाबंदी, मध्य प्रदेश में बढ़ा शराब संकट भूसे से भरे ट्रक ने टूरिस्ट बस को मारी टक्कर, देवास हादसे में बड़ी संख्या में घायल इंदौर की सियासत में हलचल: IDA चेयरमैन की दौड़ तेज, दिल्ली से लेकर भोपाल तक लॉबिंग जनगणना 2027 के तहत पहले चरण की शुरूआत 16 अप्रैल से जिले में सुरक्षा गार्ड और सुपरवाइजर पदों के लिए भर्ती हेतु आयोजित होंगे शिविर अंग्रेज़ों के जमाने में ‘एजुकेशन हब’ रहा हिरनखेड़ा आज भी इंटरमीडिएट स्कूल भवन को तरस रहा शिवपुर में सेन जयंती की तैयारी बैठक, 14 अप्रैल को धूमधाम से मनेगी 726वीं जयंती देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला: IMD ने जारी किया आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट छीपाबड़ थाना : गांव के पास चल रहा था जुआ का खेल, पुलिस को देखकर भागे जुआरी, एक पुलिस कर्मी ने खेत मे...

ट्रंप की मेक इन अमेरिका नीति से मेक इन इंडिया’ को कोई बड़ा खतरा नहीं

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से अपनी संरक्षणवादी नीतियों को आक्रामक रूप से लागू कर मेक इन अमेरिका को वैश्विक व्यापार युद्ध का हथियार बना दिया है। भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के साथ-साथ रूस से तेल खरीद को लेकर दबाव बनाना नीति का हिस्सा है।
ट्रंप का दावा है कि मेक इन अमेरिका केवल एक आर्थिक योजना नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। वे चाहते हैं कि चिप्स से लेकर जहाजों तक सब अमेरिका में बने। इसके लिए उन्होंने सभी देशों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत आयात शुल्क लागू करने की घोषणा की है। ट्रंप का कहना है कि इससे अमेरिकी नौकरियों में वृद्धि होगी और औद्योगिक आधार मजबूत होगा।
हालांकि, भारत ने इस नीति की तीखी आलोचना कर कहा है कि व्यापार और विदेश नीति को मिलाकर ट्रंप विश्व मंच पर दबाव की राजनीति कर रहे हैं। रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए आरोपों को भारत ने खारिज कर स्पष्ट किया है कि यह निर्णय उपभोक्ताओं की जरूरतों के मुताबिक और वैश्विक ऊर्जा स्थिरता के हित में लिया गया है।
बाजार जानकारों का मानना है कि ट्रंप की नीतियों से अमेरिका को दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है। उच्च श्रम लागत और उत्पादन खर्च के कारण अमेरिका में सस्ते उत्पादों का निर्माण संभव नहीं है। भारत जैसे देशों में सस्ता श्रम, कम लागत और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता ने उन्हें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। पूर्व वाणिज्य सचिव का कहना है कि ट्रंप की टैरिफ नीति ‘मेक इन इंडिया’ को कोई बड़ा खतरा नहीं है, क्योंकि अमेरिका की लागत संरचना वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग के लिए उपयुक्त नहीं है।