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महबूबा मुफ्ती के बयान ने राजनीतिक गलियारों में मचाई हलचल

जम्मू। पीडीपी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़े तनाव के बीच उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंधों को बहाल करने की वकालत की है। महबूबा के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महबूबा ने कहा कि युद्ध जैसे हालात देश के लिए नुकसानदेह हैं और ऐसे समय में खेल ही दोनों देशों के बीच तनाव कम करने का सबसे आसान तरीका है। उन्होंने बेरोजगारी और गरीबी का हवाला देते हुए खेल आयोजनों को शांति कायम करने का जरिया बताया। बता दें पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत सीमा पार आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन के बाद चार दिनों तक भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव जारी रहा।

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महबूबा ने कहा कि अगर आप शांति चाहते हैं और युद्ध पर पैसा खर्च नहीं करना चाहते, तो खेल आयोजनों के जरिए माहौल सामान्य करना चाहिए। बेरोज़गारी और गरीबी दूर करनी है तो सबसे पहले शांति बहाल करनी होगी। महबूबा ने इस दौरान बीजेपी पर भी हमला बोला उन्होंने कहा कि बीजेपी ने देश में ऐसा माहौल बना दिया है कि लोग युद्धविराम पर सवाल उठा रहे हैं। मानो सब चाहते थे कि युद्ध चलता रहे। यह मानसिकता खतरनाक है और देश को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी बार-बार परमाणु युद्ध टलने का श्रेय ले रहे हैं, जबकि भारत के अंदरर युद्ध को लेकर राजनीतिक बयानबाजी रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

महबूबा ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंधों को फिर से बहाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल एक ऐसा जरिया है जो लोगों के बीच संवाद बढ़ा सकता है और तनाव कम कर सकता है। अगर दोनों देश खेलों के जरिए आमने-सामने आएंगे तो बातचीत के रास्ते खुलेंगे और माहौल भी सामान्य होगा। महबूबा मुफ्ती के इस बयान ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब देश में पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाने की मांग हो रही है, तब वह खेल संबंधों को बहाल करने की बात क्यों कर रही हैं?