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MP Kisan Andolan: किसान आंदोलन के चलते भोपाल के कई निजी स्कूल रहे बंद, प्रशासन ने दी छुट्टी की सलाह

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने सुबह 5 बजे अभिभावकों को भेजे संदेश

भोपाल | मकड़ाई एक्सप्रेस 24

किसान आंदोलन के मद्देनज़र बुधवार, 29 जुलाई 2026 को भोपाल के कई निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया। संभावित यातायात बाधा और सुरक्षा कारणों को देखते हुए जिला प्रशासन की सलाह पर स्कूल प्रबंधन ने यह निर्णय लिया। सुबह करीब 5 बजे से ही व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से अभिभावकों को स्कूल बंद रहने की सूचना भेजी गई।

किन क्षेत्रों के स्कूल रहे बंद

नर्मदापुरम रोड, कटारा हिल्स, एमपी नगर सहित शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों के निजी स्कूलों ने छुट्टी घोषित की। हालांकि कुछ अभिभावकों को सूचना देर से मिलने के कारण वे बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए, जहां से उन्हें वापस लौटना पड़ा।

अपर कलेक्टर सुमित पाण्डेय ने बताया कि किसान आंदोलन और संभावित ट्रैफिक व्यवधान को देखते हुए विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए यह कदम उठाया गया।

मंगलवार को कई घंटों तक जाम

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मंगलवार को मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आरआरएल तिराहे के पास रोक दिया, जिसके बाद नर्मदापुरम रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया।

आमजन को हुई परेशानी

दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुआ यातायात जाम रात लगभग 10 बजे तक बना रहा। नर्मदापुरम रोड से जुड़ी लगभग 150 कॉलोनियों के निवासी, कार्यालयों से लौट रहे कर्मचारी और अस्पताल जाने वाले मरीज सबसे अधिक प्रभावित हुए। कई लोगों को अपने वाहन सड़क पर छोड़कर पैदल घर जाना पड़ा।

बैरिकेड पार कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी

प्रशासन ने ग्यारह मील, मिसरोद और बाग सेवनिया क्षेत्रों में बैरिकेड लगाए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों का जत्था उन्हें पार करते हुए आरआरएल तिराहे तक पहुंच गया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच हल्की धक्का-मुक्की हुई, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही और बल प्रयोग नहीं किया गया।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और यातायात संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने की अपील की है। साथ ही अभिभावकों से कहा गया है कि वे अपने बच्चों के स्कूलों से संपर्क बनाए रखें और स्कूल प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें