jhankar
ब्रेकिंग
भाजपा किसान मोर्चा हरदा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष बने सुरेश पुनासे, जिले के 12 मंडल अध्यक्षों की सूची जार... किसानों के साथ ये कैसा मजाक? 70–80 रुपये प्रति एकड़ बीमा मिलने पर फूटा गुस्सा, तहसीलदार को सौंपा ज्ञ... हरदा कोतवाली पुलिस की बड़ी सफलता: 4 घंटे में नकबजनी का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार, ₹1.30 लाख का चोरी क... इंदौर: शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, फोटो वायरल करने की धमकी देकर करता रहा शोषण रहटगांव को मिले नए तहसीलदार, शंकर सिंह रघुवंशी ने संभाला पदभार दिल्ली: जंतर-मंतर पर 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान प्रतिष्ठित न्यूज चैनल के रिपोर्टर पर हमला हंडिया : गौशाला होने के बावजूद सड़कों पर गौवंश का कब्जा, आखिर किसकी जिम्मेदारी? केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कांग्रेस पर हमला: "छात्रों को बनाया जा रहा राजनीतिक मोहरा" दिल्ली-एनसीआर मे बुधवार की सुबह बदला मौसम, तेज गर्मी और उमस से मिली राहत विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने विधानसभा में उठाए हरदा के जनहित के बड़े मुद्दे मूंग खरीदी, सिंचाई, उद्...

MP News: स्कूलों से हटेंगे अतिथि शिक्षक, देखे नया आदेश और अतिथि शिक्षक हटाने के नियम

MP News: मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के स्कूलों में कार्यरत गेस्ट टीचर्स को हटाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। यह आदेश मुख्य रूप से उन स्कूलों के लिए है, जहां एक ही विषय के दो से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। अब इन शिक्षकों को तुरंत रिलीव करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

लोक शिक्षण संचालनालय का कहना है कि अतिथि शिक्षकों को स्कूलों में तब तक के लिए रखा गया था, जब तक रिक्त पदों पर स्थायी शिक्षकों की भर्ती नहीं हो जाती। अब राज्य में नई शिक्षक भर्ती और उच्च पद प्रभार में नियुक्तियां हो चुकी हैं। ऐसे में अतिथि शिक्षकों की आवश्यकता कम हो गई है।

यह भी स्पष्ट किया गया है कि एक ही विद्यालय में एक से अधिक अतिथि शिक्षक होने पर उनमें से अतिरिक्त शिक्षकों को हटाया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की संख्या और आवश्यकता के बीच संतुलन बनाना है।

अतिथि शिक्षकों को हटाने के नियम

अतिथि शिक्षकों को हटाने की प्रक्रिया को लेकर संचालनालय ने कुछ स्पष्ट नियम तय किए हैं। इन नियमों के आधार पर यह निर्णय लिया जाएगा कि किसे हटाना है।

1. स्कोर कार्ड आधारित चयन

अगर एक ही विषय के दो अतिथि शिक्षक पहले से कार्यरत हैं, तो जिनके स्कोर कार्ड में अंक कम होंगे, उन्हें रिलीव किया जाएगा।

2. कार्य अवधि के आधार पर चयन

यदि एक अतिथि शिक्षक पिछले वर्ष से कार्यरत है और दूसरा इस वर्ष ही नियुक्त हुआ है, तो नए शिक्षक को हटाया जाएगा।

- Install Android App -

3. मेरिट के आधार पर चयन

यदि दोनों शिक्षक इसी वर्ष नियुक्त हुए हैं, तो स्कोर कार्ड में जिनके अंक कम होंगे, उन्हें हटाया जाएगा।

स्कूलों पर पड़ेगा यह असर

इस फैसले से कई स्कूलों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जिन स्कूलों में विषय विशेषज्ञ की कमी है, वहां पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि, सरकार ने इस कदम को शिक्षकों की संख्या में सुधार और गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया है।

क्या होंगे इसके परिणाम?

इस फैसले से अतिथि शिक्षकों में असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है। कई शिक्षक, जो लंबे समय से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, उनके लिए यह निर्णय कठिनाई लेकर आ सकता है। लेकिन सरकार का कहना है कि यह कदम शैक्षिक व्यवस्था को सुचारू और संतुलित करने के लिए जरूरी है।

नए आदेश से जुड़ी उम्मीदें

सरकार का यह निर्णय हालांकि विवादास्पद हो सकता है, लेकिन इसे शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि इससे स्कूलों में शिक्षकों का बेहतर प्रबंधन होगा और छात्रों की पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

यदि आप एक अतिथि शिक्षक हैं, तो इन नियमों को ध्यान में रखें और अपने स्कोर कार्ड व कार्य अवधि की जानकारी समय पर अपडेट कर लें। नई नियुक्तियों और व्यवस्थाओं को समझने के लिए अपने जिले के शिक्षा अधिकारी से संपर्क करें।

यह आदेश राज्य के स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था में सुधार लाने के लिए है, लेकिन इसके सामाजिक और व्यक्तिगत प्रभाव भी होंगे। आगे के निर्णय और परिणाम देखने के लिए हमें इंतजार करना होगा।

यह भी पढ़े:- PAN 2.0 आ गया! क्या QR कोड वाला नया पैन कार्ड आपके पुराने कार्ड को कर देगा बेकार? जानें पूरी सच्चाई