रतलाम। स्कूली बच्चों को बेहतर पोषण देने के लिए बनाई गई मध्याह्न भोजन योजना की हालत ग्रामीण क्षेत्रों में दयनीय है। ताजा मामला रतलाम ग्रामीण के सिखेड़ी गांव में देखने को मिला है। जहां आंगनबाड़ी में बच्चों को नए साल में सेव परमल खिलाया जा रहा है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें दिख रहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को सेव परमल परोस रही हैं।
अधिकारियों ने जांच का दिया आश्वासन
वीडियो में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कह रही है कि छुट्टियों के पहले भी बच्चों के लिए समूह द्वारा भोजन नहीं पहुंचाया गया था और आज भी बच्चों के लिए भोजन नहीं आया है। वह अपने पैसों से बच्चों के लिए सेव परमल खरीद कर लाई और बच्चों को नाश्ता कराया है। वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
ग्रामीणों ने वीडियो किया रिकॉर्ड
जानकारी के अनुसार, सिखेड़ी गांव में बुधवार को बच्चों को आंगनबाड़ी में मीनू अनुसार नाश्ता और भोजन नहीं नहीं दिया गया। जिसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुम मालवीय ने खुद के पैसे से बच्चों के लिए सेव परमल मंगवाई और उन्हें खाने के लिए दी। इस दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने इसका वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
आंगनबाड़ी के समय में परिवर्तन से गलतफहमी
हालांकि इस मामले में भोजन बनाने वाले स्वयं सहायता समूह के संचालक कन्हैया लाल गोयल ने कहा कि “बच्चों को मीनू अनुसार ही नाश्ता और भोजन दिया जाता है। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र के समय में परिवर्तन की सूचना में गलतफहमी हो जाने की वजह से आज समय पर भोजन नहीं पहुंचाया जा सका था।” वहीं वीडियो में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कह रही हैं कि “छात्रों को भूख लग रही थी इसलिए उन्होंने स्वयं के पैसे से परमल खरीद कर बच्चों को खिला दी।”

