jhankar
ब्रेकिंग
सड़कों पर खड़े चार पहिया वाहन दे रहे हादसों को न्योता, पैदल निकलना भी मुश्किल उमंग केंद्र का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने जाना किशोरावस्था और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व नरवाई जलाने पर ड्रोन से रखी जा रही नजर, एक किसान पर जुर्माना कलेक्टर का दो टूक संदेश: सरकारी काम छोड़कर दूसरी गतिविधियों में न उलझें अधिकारी, पहले निभाएं विभागीय... हंडिया : शक्ति से सृजन’ के तहत भमोरी पहाड़ी पर पौधरोपण, वृक्ष पूजन कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश... ग्राम छापरखंडा में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर आयोजित, ग्रामीणों को दी योजनाओं की जानकारी संभाग स्तरीय बालरंग प्रतियोगिता में माय किड्स एकेडमी स्कूल हरदा के विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का ... नजूल भूमि पर निर्मित 12 दुकानों की नीलामी नियम विरुद्ध कर रही है नगर परिषद टिमरनी , आरक्षण नियमों का... नवरात्रि पर 17 अक्टूबर को हरदा में सजेगी विशाल भजन संध्या विद्युत चोरी के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान, 226 प्रकरण दर्ज, 62.35 लाख की बिलिंग

अस्पताल में डॉक्टर-नर्स से मारपीट पर अब कड़ी कार्रवाई, 3 महीने जेल और 10 हजार तक जुर्माने का प्रावधान सुरक्षा सख्त, 2008 के एक्ट के तहत होगी सीधी एफआईआर

मकडा़ई एक्सप्रेस 24 भोपाल। अस्पतालों में ड्यूटी के दौरान डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट, धमकी या अभद्र व्यवहार अब सीधे अपराध की श्रेणी में आएगा। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने 10 अगस्त को सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।

अब अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों से मारपीट करने वालों पर “चिकित्सा सेवा कर्मी और चिकित्सा संस्थान अधिनियम 2008” के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर 3 महीने तक जेल या 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

6 घंटे के अंदर दर्ज होगी एफआईआर, रात में बढ़ेगी सुरक्षा

नए निर्देशों के अनुसार अस्पताल प्रबंधन को घटना की जानकारी मिलते ही 6 घंटे के भीतर पुलिस में एफआईआर दर्ज करानी होगी। मारपीट के बाद मरीज का इलाज जारी रखने की जिम्मेदारी भी अस्पताल प्रशासन की होगी।

- Install Android App -

रात के समय सुरक्षा बढ़ाने के लिए अस्पतालों में पेट्रोलिंग और ड्यूटी पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के ब्लाइंड स्पॉट खत्म कर नाइट विजन और हाई डेफिनेशन कैमरे लगाने होंगे।

भीड़ नियंत्रण के लिए नए नियम, बनेगा आंतरिक शिकायत तंत्र

अस्पतालों में विवाद और भीड़ की स्थिति को रोकने के लिए अब हर मरीज के साथ सिर्फ 1-2 परिजनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए विजिटर पास भी जारी किए जाएंगे।

कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे के लिए हर अस्पताल में “आंतरिक शिकायत समिति” बनानी होगी। इस समिति में 50% महिला सदस्य और एक बाहरी सामाजिक संगठन की सदस्य को भी शामिल करना अनिवार्य होगा। अस्पतालों को स्थानीय पुलिस से भी समन्वय रखने के निर्देश दिए गए हैं।